अध्यात्म

आजकल काला हकीक क्यों पहन रहे हैं लोग? जानें, क्या हैं 10 रत्ती वाले हकीक के फायदे

Black Agate Gemstone: आज के समय में देखा जा रहा है कि बहुत से लोग काला हकीक पहनने लगे हैं। चाहे आम व्यक्ति हो या आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले, हर किसी के बीच काला हकीक तेजी से फेमस हो रहा है। ज्योतिष और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार काला हकीक नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करने वाला एक शक्तिशाली रत्न माना जाता है।

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काला हकीक क्यों पहन रहे हैं लोग (pic credit: pinterest)

Black Agate Gemstone: काला हकीक को सुरक्षा कवच की तरह माना जाता है। यह पहनने वाले के चारों ओर एक सकारात्मक ऊर्जा का घेरा बनाता है, जिससे बुरी नजर, नकारात्मक विचार और मानसिक अशांति दूर रहती है। कई साधक इसे ध्यान और मंत्र जाप के समय धारण करते हैं, क्योंकि यह मन को स्थिर करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है। अब चूंकि आजकल इसकी डिमांड बढ़ गई है और हर दूसरे हाथ में ये नजर आने लगा है, इसलिए हम आपको इसके बारे में यहां विस्तार से बता रहे हैं।

लोग काला हकीक क्यों पहन रहे हैं?

आज के समय में तनाव, डर, चिंता और नकारात्मकता बहुत बढ़ गई है। ऐसे में लोग ऐसे उपायों की तलाश में रहते हैं जो उन्हें मानसिक शांति और सुरक्षा दें। काला हकीक पहनने से व्यक्ति को आत्मबल मिलता है और जीवन की परेशानियों का सामना करने की शक्ति बढ़ती है। इसके अलावा यह शनि ग्रह से भी जुड़ा माना जाता है, इसलिए शनि दोष या साढ़ेसाती से परेशान लोग भी इसे धारण करते हैं।

10 रत्ती वाला काला हकीक क्यों खास माना जाता है?

ज्योतिष के अनुसार रत्न का वजन बहुत महत्वपूर्ण होता है। 10 रत्ती का काला हकीक संतुलित प्रभाव देता है। यह न तो बहुत हल्का होता है और न ही बहुत भारी, इसलिए इसका असर धीरे-धीरे लेकिन स्थायी माना जाता है। आमतौर पर इसे चांदी या पंचधातु में जड़वाकर पहनने की सलाह दी जाती है।

काला हकीक पहनने का सही तरीका

काला हकीक शनिवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है। पहनने से पहले इसे गंगाजल या साफ पानी से शुद्ध करें और ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें। इसे अंगूठी या कड़े के रूप में पहना जा सकता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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