कल क्या है 19 जनवरी 2026 को, कल कौन सा व्रत है, कल शिव जी पूजा करें या मां दुर्गा की
- Authored by: Vineet
- Updated Jan 18, 2026, 07:59 PM IST
Kal Kya Hai 19 January 2026: कल 19 जनवरी 2026 को क्या है, कौन सा दिन और तिथि है। कल के बारे में जानें कि कल कौन सा व्रत है, कल के दिन आपको शिव जी की पूजा करनी चाहिए या मां दुर्गा की। अगर आपके मन में भी यही सवाल उठ रहा है, तो आज के लेख में हम आपको सभी का जवाब देंगे।
कल क्या है 19 जनवरी 2026 को
Kal Kya Hai 19 January 2026: कई बार ऐसा होता है कि एक दिन सिर्फ तारीख नहीं होता, बल्कि आस्था, विश्वास और मन की शांति से जुड़ी कई परंपराएं अपने साथ लेकर आता है। 19 जनवरी 2026 भी कुछ ऐसा ही दिन है। सोमवार होने के साथ-साथ इसी दिन से माघ मास की गुप्त नवरात्रि की भी शुरुआत हो रही है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल आना लाजमी है कि कल क्या है, कौन सा व्रत है और पूजा शिव जी की करें या मां दुर्गा की? आज के लेख में हम आपको बताएंगे सबकुछ...
कल क्या है 19 जनवरी 2026 को
19 जनवरी 2026 का दिन अमावस्या के बाद आता है, यानी चंद्रमा की नई शुरुआत का संकेत देता है। यह दिन सोमवार है, जिसे भगवान शिव का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में सोमवार का खास स्थान है, क्योंकि यह दिन मन को स्थिर करने और अंदर की बेचैनी को शांत करने वाला माना जाता है। इसी दिन से माघ मास की शुरुआत भी मानी जाती है, जो अपने आप में बहुत पवित्र होता है।
कल से शुरू हो रही है गुप्त नवरात्रि
इस साल 19 जनवरी 2026 से माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। गुप्त नवरात्रि आम नवरात्रि जैसी प्रसिद्ध नहीं होती, लेकिन साधना और भक्ति के लिहाज से इसका महत्व बहुत गहरा होता है। माना जाता है कि इन नौ दिनों में की गई पूजा, जप और साधना सीधे मन और आत्मा से जुड़ती है। यह नवरात्रि खास तौर पर आंतरिक शक्ति, साहस और आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए जानी जाती है।
कल कौन सा व्रत है
19 जनवरी सोमवार होने की वजह से लोग सोमवार व्रत रखते हैं। यह व्रत बहुत कठिन नहीं होता, लेकिन मन से किया जाए तो इसका असर जीवन में साफ नजर आता है। साथ ही, गुप्त नवरात्रि शुरू होने के कारण कई लोग नवरात्रि व्रत का संकल्प भी इसी दिन से लेते हैं।
कल शिव जी की पूजा करें या मां दुर्गा की
यहीं पर सबसे बड़ा सवाल आता है। सोमवार होने की वजह से शिव जी की पूजा बेहद शुभ मानी जाती है। वहीं दूसरी ओर, गुप्त नवरात्रि की शुरुआत मां दुर्गा की उपासना का संकेत देती है। ऐसे में दोनों में संतुलन बनाना सबसे अच्छा माना जाता है। सुबह शिव जी का जल से अभिषेक करें और शाम को मां दुर्गा का स्मरण। मान्यता है कि शिव और शक्ति की संयुक्त आराधना से जीवन में संतुलन आता है।
कल पूजा कैसे करें
इस दिन बहुत भारी-भरकम विधि की जरूरत नहीं है। बस सुबह शांत मन से ॐ नमः शिवाय का जप करें और शाम को मां दुर्गा का ध्यान करें। गुप्त नवरात्रि में की गई साधना दिखावे की नहीं, बल्कि भीतर से जुड़ने वाली होती है। सच्चे मन से की गई छोटी पूजा भी बहुत बड़ा असर छोड़ती है।