अध्यात्म

अमावस्या कब और कितने बजे लगेगी, जून 2026 में अमावस्या कब है, क्या आज 14 जून को अधिकमास की अमावस्या है

Adhikmaas Amavasya 2026 : आज दोपहर 12 बजे के बाद से ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या तिथि लग जाएगी और अगले दिन सुबह तक रहेगी। ऐसे में अमावस्या कब मानी जाएगी, आइए जानते हैं।

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आज अमावस्या है क्या

Adhikmaas Amavasya 2026 : हिंदू पंचांग में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण, दान-पुण्य, स्नान और पूजा-पाठ करने की परंपरा है। जून 2026 में पड़ने वाली अमावस्या और भी खास रहने वाली है, क्योंकि यह ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या होगी। वहीं, अमावस्या का संबंध सोमवार से होने के कारण इसे सोमवती अमावस्या भी कहा जाएगा। कई लोगों के मन में यह सवाल है कि जून 2026 में अमावस्या कब है, क्या अधिकमास की अमावस्या आज है या कल है और अमावस्या का स्नान-दान किस दिन किया जाएगा? आइए जानते हैं अमावस्या की सही तारीख और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी क्या है।

जून 2026 में अमावस्या कब है

हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या तिथि 14 जून 2026, रविवार को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से शुरू होगी। वहीं, अमावस्या तिथि का समापन 15 जून 2026, सोमवार सुबह 8 बजकर 23 मिनट पर होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी व्रत, पर्व और स्नान-दान के लिए उदया तिथि को महत्व दिया जाता है। इस कारण अधिकमास की अमावस्या का स्नान, दान, पूजा और पितरों से जुड़े कार्य 15 जून 2026, सोमवार को किए जाएंगे। वहीं, अमावस्या की रात में की जाने वाली साधना और विशेष पूजा का महत्व अलग माना जाता है। क्योंकि अमावस्या तिथि 14 जून की रात को भी रहेगी, इसलिए रात्रि पूजा और साधना से जुड़े कार्य 14 जून यानि आज की रात किए जा सकते हैं।

क्या जून 2026 की अमावस्या सोमवती अमावस्या है

साल 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या सोमवार के दिन पड़ रही है, इसलिए इसे सोमवती अमावस्या कहा जाएगा। हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या को बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सुख-शांति और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन श्रद्धा भाव से पूजा करने और दान-पुण्य करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। सुहागिन महिलाएं इस दिन पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए पूजा करती हैं।

ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या क्यों है खास

साल 2026 में पड़ने वाली यह अमावस्या इसलिए विशेष है क्योंकि यह अधिकमास में आ रही है। हिंदू धर्म में अधिकमास को भगवान विष्णु का प्रिय महीना माना जाता है। इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। अधिकमास की अमावस्या पर भगवान विष्णु के साथ पितरों का स्मरण करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए दान और पुण्य कार्यों का विशेष फल प्राप्त होता है।

अमावस्या पर स्नान और दान का शुभ समय

15 जून 2026 को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 04 मिनट से 4 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। इस समय स्नान, ध्यान और पूजा करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस दौरान भी धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं। अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। अगर नदी में स्नान करना संभव न हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है।

अधिकमास अमावस्या पर क्या करें

अमावस्या के दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण करना शुभ माना जाता है। जल में काले तिल मिलाकर पितरों को अर्पित करने की परंपरा है। जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, फल और अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु का ध्यान, विष्णु मंत्र का जाप और पूजा करना लाभकारी माना जाता है। साथ ही पीपल के पेड़ की पूजा और दीपदान करने की भी धार्मिक मान्यता है।

अमावस्या पर क्या न करें

अमावस्या के दिन नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए और किसी के प्रति गलत भावना नहीं रखनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन घर में शांति बनाए रखना चाहिए और क्रोध, विवाद जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए। इस दिन पितरों का अपमान या बुजुर्गों की अनदेखी करना शुभ नहीं माना जाता। सात्विक भोजन करना और धार्मिक कार्यों में मन लगाना शुभ माना गया है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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