अध्यात्म

कुंडली में इन ग्रहों के खराब होने पर बनता है जेल जाने का योग, समय रहते सुधार करना जरूरी

Jail Yog In Kundli: जेल योग दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, लेकिन सही समय पर ग्रहों की शांति और सही दिशा में प्रयास से इससे बचा जा सकता है। यदि कुंडली में ऐसे योग दिखें तो तुरंत किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेना चाहिए।

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कुंडली में इन ग्रहों के खराब होने पर बनता है जेल जाने का योग, समय रहते सुधार करना जरूरी

Jail Yog In Kundli: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के जीवन में जो भी घटनाएं घटती हैं—चाहे वो सफलता हो या असफलता, सम्मान हो या अपमान—उसके पीछे ग्रहों का प्रभाव होता है। कुछ विशेष ग्रहों की दशा और स्थिति ऐसी भी होती है, जिससे कुंडली में जेल जाने का योग बन जाता है। यह योग तभी सक्रिय होता है जब ग्रहों की दशा-दिशा और भावों की स्थिति एक साथ प्रतिकूल हो जाती है। समय रहते उपाय न किए जाएं, तो व्यक्ति को गंभीर कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

जेल योग के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार ग्रह

शनि (Saturn): शनि को न्याय और कर्म का ग्रह माना जाता है। यदि यह ग्रह छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो और राहु, केतु या मंगल जैसे क्रूर ग्रहों से दृष्ट हो, तो व्यक्ति को जेल या कानूनी मामलों का सामना करना पड़ सकता है। शनि की महादशा या अंतर्दशा में यह प्रभाव और भी तीव्र हो सकता है।

राहु (Rahu): राहु भ्रम, छल और धोखे का प्रतीक ग्रह है। यदि राहु छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित होकर चंद्र या शुक्र जैसे भावनात्मक ग्रहों पर असर डाले, तो व्यक्ति अनुचित साधनों का प्रयोग कर सकता है और कानून के दायरे में आ सकता है।

मंगल (Mars): यदि मंगल क्रूर रूप में स्थित हो और शनि या राहु से पीड़ित हो, तो यह व्यक्ति को आक्रामक, झगड़ालू और हिंसक बना सकता है, जिससे जेल के हालात बन सकते हैं।

बचने के उपाय

हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करें। शनि और राहु की शांति के लिए दान-पुण्य करें। न्यायप्रिय रहें और अवैध कार्यों से दूर रहें।

(डिसक्लेमर- इस लेख में दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है। timesnowhindi.com इसकी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता है।)

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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