अध्यात्म

शव यात्रा देखना शुभ या अशुभ? जानिए रास्ते में दिखे शवयात्रा तो क्या करें और क्या बिल्कुल ना करें

शव यात्रा देखना शुभ या अशुभ (Shav Yatra dekhna Shubh ya ashubh): शवयात्रा के कुछ नियम हैं जिनका पालन न केवल हमें एक सभ्य नागरिक बनाता है, बल्कि हमारे आध्यात्मिक मूल्यों को भी पुख्ता करता है।

Image

शव यात्रा से जुड़े नियम क्या हैं (Photo: iStock)

शवयात्रा दिखे तो क्या करें और क्या ना करें: हिंदू धर्म में किसी के निधन के बाद उसकी शवयात्रा निकाली जाती है। लोग राम नाम सत्य है करते हुए पार्थिव शरीर को अर्थी पर रख श्मशान तक ले जाते हैं और वहीं अंतिम संस्कार करते हैं। बहुत से लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि अगर रास्ते में कहीं शवयात्रा दिख जाए तो क्या करना चाहिए या फिर क्या नहीं करना चाहिए। कुछ लोग ये भी सोचते हैं कि क्या किसी की शवयात्रा का दिखना शुभ होता है?(Shav Yatra dekhna Shubh ya ashubh) हमारे वेद, पुराण और ग्रंथों में इन सारे सवालों के जवाब दर्ज हैं। आइए जानते हैं:

शव यात्रा देखना शुभ या अशुभ?

हिंदू मान्यताओं के अनुसार किसी की शवयात्रा का दिखना कभी अशुभ नहीं होता। हमारे वेद पुराणों में वर्णित है कि शवयात्रा का दिखना सकारात्मकता का प्रतीक होता है। शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, शवयात्रा का दिखना शुभ होता है क्योंकि यह हमें याद दिलाता है कि अंततः सबको उसी मार्ग पर जाना है, जिससे मनुष्य के भीतर वैराग्य और ईश्वर के प्रति भक्ति जागृत होती है।

शवयात्रा दिखने पर क्या करें

1. रुककर सम्मान दें: चाहे आप पैदल चल रहे हों या किसी वाहन पर, शवयात्रा देखते ही कुछ पलों के लिए रुक जाना चाहिए। यह मृतक और उसकी अंतिम यात्रा के प्रति सम्मान प्रकट करने का सबसे सरल तरीका है।

2. ईश्वर का नाम जपें: जब अर्थी पास से गुजरे, तो मन ही मन 'राम नाम सत्य है' या भगवान शिव का नाम लेना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से मृतक की आत्मा को शांति मिलती है और आपके भीतर भी सकारात्मक विचार आते हैं।

3. मनोकामना मांगें: लोक मान्यताओं के अनुसार, शवयात्रा के समय मांगी गई जायज मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ऐसा माना जाता है कि आत्मा अपने साथ आपके दुखों और बाधाओं को भी ले जाती है, इसलिए उस समय ईश्वर से प्रार्थना करना शुभ होता है।

4. कंधा देना: यदि संभव हो और आप मृतक के परिचित हैं, तो शव को कंधा जरूर दें। शास्त्रों में इसे महापुण्य का कार्य माना गया है।

5. अंतिम संस्कार के बाद स्नान: यदि आप शवयात्रा के साथ श्मशान घाट तक गए हैं, तो घर में प्रवेश करने से पहले स्नान करना अनिवार्य है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और शुद्धता बनाए रखने के लिए जरूरी है।

शवयात्रा दिखे तो क्या न करें

- शवयात्रा के समय जोर-जोर से हंसना, मजाक करना या फोन पर ऊंची आवाज में बात करना अत्यंत अनुचित है। यह मृतक के परिवार के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

- कभी भी चलती हुई अर्थी के बीच से या उसके ठीक सामने से तेजी से नहीं निकलना चाहिए। हमेशा शवयात्रा को पहले गुजरने का रास्ता दें।

- अंतिम यात्रा के दौरान रास्ते में सिक्के या पैसे फेंके जाते हैं। भूलकर भी इन्हें नहीं उठाना चाहिए। माना जाता है कि इन सिक्कों के साथ मृतक से जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा या दुख जुड़ सकते हैं, जो आपके जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।

तमाम वेद पुराणों और धार्मिक सामाजिक मान्यताओं के मुताबिक शवयात्रा इस जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई का साक्षात्कार है। इसी कारण शवयात्रा के कुछ नियम हैं जिनका पालन न केवल हमें एक सभ्य नागरिक बनाता है, बल्कि हमारे आध्यात्मिक मूल्यों को भी पुख्ता करता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article