is eid tomorrow in kerala (Kerala Eid date in 2026), केरल में ईद 2026 कब है, ईद का चांद कब दिखेगा केरल में: केरल में Eid al-Fitr 2026 की डैट को लेकर लोग उत्सुक हैं। आमतौर पर केरल में चांद दिखने के आधार पर ही ईद का ऐलान किया जाता है, जो अक्सर खाड़ी देशों के साथ मेल खा जाता है। यदि 19 मार्च की शाम को चांद नजर आता है, तो 20 मार्च 2026 को ईद मनाई जा सकती है। हालांकि अंतिम फैसला स्थानीय चांद कमेटी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही तय होगा। जानें केरल में ईद 2026 कब मनाई जाएगी।
केरल में ईद कब है 2026
केरल में ईद की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। अगर 19 मार्च 2026 की शाम को चांद नजर आ जाता है, तो 20 मार्च को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। लेकिन अगर चांद नहीं दिखता, तो रमजान के 30 रोजे पूरे होंगे और ईद 21 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। यानी अभी ईद की फाइनल तारीख चांद के दीदार पर ही तय होगी।
क्या केरल में कल ईद है
संभावना पूरी तरह से बनी हुई है कि 20 मार्च को केरल में ईद मनाई जा सकती है। दरअसल, केरल में चांद दिखने का सिलसिला अक्सर खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब के साथ मेल खाता है। अगर वहां 19 मार्च को चांद दिखता है और केरल में भी इसकी पुष्टि हो जाती है, तो अगले दिन यानी 20 मार्च को ईद मनाई जा सकती है।
भारत में ईद 2026 की डेट
भारत के बाकी हिस्सों में भी ईद की तारीख चांद दिखने पर ही निर्भर करेगी। अगर 19 मार्च को देश के अधिकांश हिस्सों में चांद नजर आता है, तो 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी। लेकिन अगर चांद नहीं दिखता, तो 21 मार्च को ईद-उल-फितर होगी।
केरल में चांद देखने की परंपरा
केरल में ईद का ऐलान स्थानीय चांद कमेटियों और धार्मिक संस्थाओं की पुष्टि के बाद किया जाता है। यहां के कई हिस्सों में लोग खुद भी चांद देखने की कोशिश करते हैं और फिर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करते हैं। यही वजह है कि यहां ईद की तारीख में कभी-कभी एक दिन का अंतर भी देखने को मिलता है।
क्यों खास होता है केरल का चांद
केरल का भौगोलिक स्थान ऐसा है कि यहां चांद देखने की स्थिति उत्तर भारत की तुलना में थोड़ी अलग हो सकती है। समुद्र के किनारे स्थित होने के कारण यहां आसमान अपेक्षाकृत साफ रहता है, जिससे चांद दिखने की संभावना कुछ ज्यादा मानी जाती है। यही कारण है कि कई बार केरल में ईद एक दिन पहले भी मनाई जाती है।
ईद 2026 की तारीख कब आएगी
ईद की सही तारीख का ऐलान 19 मार्च 2026 की शाम को चांद दिखने के बाद ही किया जाएगा। जैसे ही चांद नजर आएगा, मस्जिदों और चांद कमेटियों की ओर से आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
