Karko Bhawa Nashaya: ज्योतिष शास्त्र अनुसार जब भी किसी ग्रह का राशि परिवर्तन होता है तो उससे कई तरह के योगों का निर्माण होता है। एक ऐसा ही योग शुक्र के गोचर से बनने जा रहा है। शुक्र 30 मई को कर्क राशि में गोचर करने जा रहे हैं। शुक्र के इस राशि में प्रवेश करते ही 'कारको भाव नाशाय' योग का निर्माण होगा। ये एक अशुभ योग है जिसका सीधा असर 2 राशि वालों के जीवन पर पड़ेगा। ऐसे में इन दो राशियों के लोगों को सावधान रहना होगा।
क्या है कारको भाव नाशाय?
जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि कारको का अर्थ कारक से है, भाव का मतलब कुंडली के भाव से है और नाशाय का अर्थ नाश या नष्ट करने से है। सरल शब्दों में ये नष्ट करने वाला योग माना जाता है। जिसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है। ये योग तब बनता है जब कुंडली में कोई ग्रह किसी विशेष भाव का स्वामी है और उसी भाव पर दृष्टि डाल रहा है तो उस समय कारको भाव नाशाय का निर्माण होता है। इस स्थिति में ग्रह किसी भाव का स्वामी होते हुए भी अपने ही भाव को नुकसान पहुंचाता है। इस योग के परिणामस्वरूप जातक एक दिशा में ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूत हो जाता है जिससे जीवन के दूसरे पहलू पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
'कारको भाव नाशाय' योग इन 2 राशियों को करेगा परेशान
कर्क राशि: कर्क राशि वालों के आर्थिक जीवन के लिए ये योग भले ही फायदेमंद साबित हो लेकिन पारिवारिक जीवन के लिए ये अच्छा नहीं है। इस दौरान शुक्र की दृष्टि आपके सातवें भाव पर होगी जिससे आपके वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे। इस दौरान विवाहित जातकों को सावधान रहने की जरूरत होगी। पार्टनर के साथ लड़ाई-झगड़ा हो सकता है। रिश्ते में काफी खटास आ सकती है। ऐसे में आपको सावधानी से और धैर्य से काम लेना होगा।
मकर राशि: ये योग मकर राशि वालों के भी वैवाहिक जीवन के लिए अच्छा नहीं है। इस दौरान पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है। जिन पति-पत्नी के रिश्ते आपस में अच्छे नहीं है उनके रिश्ते में आई कड़वाहट इस दौरान तलाक तक पहुंच सकती है। ऐसे में आपको सावधान रहना होगा और कोई भी निर्णय शांत मन से लेना होगा। जिससे बाद में पछतावा न हो।
