ईद-उल-फितर का चाँद कितने बजे निकलेगा : रमजान का पवित्र महीना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अब पूरी दुनिया के मुस्लिम समुदाय की नजरें ईद के चांद पर टिकी हैं। खासकर मिडिल ईस्ट यानी सऊदी अरब, यूएई, कतर, ओमान और ईरान जैसे देशों में चांद दिखने का फैसला पूरी दुनिया के लिए काफी अहम माना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी ईद-उल-फित्र की तारीख चांद दिखने पर ही तय होगी, इसलिए अलग-अलग देशों में एक दिन का अंतर भी देखने को मिल सकता है। साल 2026 में खगोलीय गणनाओं और धार्मिक परंपराओं को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में ईद कब मनाई जाएगी और चांद किस दिन नजर आ सकता है।
चांद देखने का फैसला कैसे होता है (Eid ka chand kaise decide hota hai)
इस्लामिक कैलेंडर पूरी तरह चंद्रमा पर आधारित होता है। रमजान का महीना 29 या 30 दिन का होता है और इसके बाद शव्वाल महीने की शुरुआत चांद दिखने से होती है। यही वजह है कि ईद की तारीख पहले से तय नहीं होती है, बल्कि 29वें रोजे के बाद शाम को चांद देखने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। अगर चांद दिख जाता है तो अगले दिन ईद मनाई जाती है, और अगर नहीं दिखता तो रमजान 30 दिन का पूरा होता है और उसके बाद चांद दिखने पर ईद मनाई जाती है।
सऊदी अरब में कब दिख सकता है ईद का चांद (Saudi Arabia mein Eid ka chand kab dikhega)
सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने 2026 में 18 मार्च की शाम को चांद देखने की अपील की है। अगर इस दिन चांद नजर आ जाता है, तो वहां 19 मार्च 2026 को ईद मनाई जाएगी। वहीं, अगर चांद दिखाई नहीं देता है, तो रमजान 30 दिन का होगा और 20 मार्च 2026 को ईद मनाई जाएगी। खगोलीय अनुमान के अनुसार इस बार चांद दिखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, इसलिए ज्यादा संभावना 20 मार्च को मनाई जा सकती है।
यूएई, कतर और अन्य गल्फ देशों में कब होगी ईद (UAE aur Gulf countries mein Eid kab hogi)
यूएई, कतर, ओमान और बहरीन जैसे ज्यादातर गल्फ देश आमतौर पर सऊदी अरब के फैसले का ही पालन करते हैं। ऐसे में अगर सऊदी अरब में 18 मार्च को चांद दिखता है तो इन देशों में भी 19 मार्च को ईद होगी, वरना 20 मार्च 2026 को ईद मनाए जाने की संभावना ज्यादा है।
यूएई के खगोलविदों ने भी अनुमान लगाया है कि इस बार ईद 20 मार्च को पड़ सकती है, क्योंकि चांद की दृश्यता थोड़ी कमजोर रहने की संभावना है।
ईरान में कब मनाई जाएगी ईद (Iran mein Eid kab hogi)
ईरान में चांद देखने की प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है और वहां स्थानीय धार्मिक प्राधिकरण अपने हिसाब से घोषणा करते हैं। आमतौर पर ईरान भी 29वें रोजे के बाद चांद देखने पर ही फैसला करता है, लेकिन कई बार यहां ईद की तारीख एक दिन आगे भी जा सकती है। इस साल अनुमान है कि ईरान में भी 20 मार्च 2026 को ईद मनाई जा सकती है, लेकिन अगर चांद देर से दिखता है तो 21 मार्च की संभावना भी बनी रहती है।
भारत और मिडिल ईस्ट की ईद में क्यों होता है फर्क (India aur Gulf mein Eid Ki Date mei ek din ka fark kyu hota hai)
भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे दक्षिण एशियाई देशों में अक्सर ईद एक दिन बाद मनाई जाती है। इसका मुख्य कारण भौगोलिक स्थिति और चांद दिखने का समय होता है। मिडिल ईस्ट में चांद पहले नजर आ जाता है, जबकि भारत में वह अगले दिन दिखता है, इसलिए भारत में ईद आमतौर पर गल्फ देशों के एक दिन बाद मनाई जाती है।
इस बार क्या है सबसे ज्यादा संभावना (Eid 2026 expected date kya hai)
सभी खगोलीय और धार्मिक संकेतों को देखें तो 2026 में मिडिल ईस्ट में ईद की सबसे ज्यादा संभावना 20 मार्च 2026 की है। हालांकि, अंतिम फैसला 18 मार्च की शाम को चांद दिखने पर ही होगा। अगर उस दिन चांद नजर आ गया तो ईद 19 मार्च को भी हो सकती है, लेकिन मौजूदा अनुमान 20 मार्च की ओर इशारा कर रहे हैं।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी इस्लामिक मान्यताओं और भौगोलिक स्थिति पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
