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Holika Dahan Time 2023: किस शहर में होलिका दहन का क्या रहेगा शुभ मुहूर्त, यहां जानें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 7, 2023, 06:35 PM IST

Holika Dahan Muhurat Today: होलिका दहन शुभ मुहूर्त 2023, होलिका दहन का समय, होलिका दहन पूजा विधि अगर आप इन चीजों के बारे में सर्च कर रहे हैं तो यहां आप जानेंगे इन सब के बारे में सटीक जानकारी।

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Holika Dhana Muhurat 2023: होलिका दहन पूजा शुभ मुहूर्त

Holika Dahan Muhurat Today: होलिका दहन का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? अगर आप इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं तो आपकी ये परेशानी यहां दूर हो जाएगी। बता दें होली जलाने का समय हर शहर में अलग-अलग रहेगा। कहीं होली जलाने के लिए सिर्फ एक घंटे का समय मिलेगा तो कहीं 2 घंटे से ज्यादा का टाइम रहेगा। बता दें रंगवाली होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है।

पंचांग अनुसार होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की रात में किया जाता है। इस साल ये पूर्णिमा 6 मार्च की शाम 4 बजकर 17 मिनट से शुरू हो चुकी है और इसकी समाप्ति 7 मार्च को शाम 6 बजकर 9 मिनट पर होगी।

होलिका दहन मुहूर्त 2023 (Holika Dahan Muhurat 2023)

शहरसंध्या मुहूर्तशहरसंध्या मुहूर्त
नई दिल्ली06:24-08:51 कानपुर06:13-08:39
मुंबई06:46-09:11नागपुर06:20-08:46
चैन्नई06:18-08:43 लखनऊ06:10-08:37
अहमदाबाद06:45-09:11पटना05:54-06:09
हैदराबाद06:24-08:49 लुधियाना06:29-08:56
कोलकाता05:42-06:09 वाराणसी06:03-06:09
जयपुर06:31-08:58 अलीगढ़06:21-08:48
पुणे06:42- 09:07गुरुग्राम06:25-08:52
श्रीनगर06:32-09:00 मैसूर06:33-08:58
भुवनेश्वर05:53-06:09 बरेली06:16-08:43
गोरखपुर06:01-06:09कोटा06:31-08:58
बीकानेर06:40-09:07रायपुर06:10-08:36
जोधपुर06:42-09:09 नोएडा06:24-08:51
मेरठ06:24-08:51 विजयवाड़ा06:16-08:41

होलिका दहन के अगले दिन रंगवाली होली खेली जाती है। हरियाणा में इस पर्व को धुलंडी नाम से जाना जाता है। होली की सबसे ज्यादा रौनक ब्रज क्षेत्र में देखने को मिलती है। मथुरा और वृन्दावन में पूरे 15 दिनों तक होली का उत्सव मनाया जाता है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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