अध्यात्म

Holi 2026 Date: 2026 में होली कितने मार्च को पड़ेगी? जानें अगले साल की होली और होलिका दहन की सही तारीख

Holi 2026 Date (होली कब है 2026 में): हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होली मनाई जाती है। अब इस साल तो 14 मार्च को होली मनाई गई लेकिन अब अगले साल यानी साल 2026 में होली किस दिन है, ये आप यहां से जान सकते हैं। यहां होली और होलिका दहन की सही डेट बताई गई है।

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2026 में होली कब है (pic credit: Canva)

Holi 2026 Date (होली कब है 2026 में): होली यानी रंगों का त्योहार। ये हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत, प्रेम और एकता का प्रतीक है। इस दिन लोग एक-दूसरे पर गुलाल, रंग और पानी डालते हैं। साल 2026 में होली किस दिन है, ये आप यहां से जान सकते हैं। साथ ही यहां से आप होलिका दहन की तारीख भी जान सकते हैं। तारीख के साथ शुभ मुहूर्त भी यहां बताया गया है।

2026 में होली कितने मार्च को पड़ेगी?

मार्च 2026 में होली 4 मार्च को है, जबकि होलिका दहन 3 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं होगा वहीं दोपहर 12:33 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक राहुकाल रहेगा।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

होलिका दहन पर पूजा के लिए 3 मार्च 2026 शाम 06 बजकर 27 मिनट से रात 08 बजकर 49 मिनट तक का समय हेगा। वहीं प्रदोष काल में पूजा के लिए शाम 06 बजकर 17 मिनट से रात 08 बजकर 41 मिनट तक का समय है। 3 मार्च को शाम 06 बजकर 27 मिनट से 08 बजकर 55 मिनट के बीच होलिका जलई जाएगी।

होली कैसे मनाते हैं?

होली के दिन सबसे पहले तो सुबह सुबह घरों में गुजिया, दही भल्ले, पकौड़े, पूरी, कचौड़ी, ठंडाई बनाई जाती है। वहीं, इसके बाद लोग एक दूसरे पर रंग और पानी डालते हैं। रंग और गुलाल से एक दूसरे को भर दिया जाता है और सारे गिले-शिकवे भुलकर खुशियां मनाई जाती हैं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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