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Holi Bhai Dooj ki Kahani: भैया को तिलक करने से पहले पढ़ें ये होली भाई दूज की कहानी, देखें होली भाई दूज की कथा क्या है, यह क्यों मनाते हैं

Holi Bhai Dooj ki Kahani (होली भाई दूज की कथा): होली के अगले दिन हिंदू पंचांग के अनुसार भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। आज भाई दूज का त्योहार मनाया जा रहा है, जिस दिन बहने अपने भाइयों की लंबी और खुशहाल जिंदगी के लिए तिलक लगाकर आरती करती हैं। यहां पढ़ें भाईदूज की पौराणिक कहानी क्या है, भाई दूज की कथा लिखित में। पढ़ें होली भाई दूज की व्रत कथा इन हिंदी।

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होली भाई दूज की कहानी, व्रत कथा

Holi Bhai Dooj Kahani, Bhaiya Dooj ki Vrat Katha in Hindi: होली के बाद आने वाली चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को होली भाई दूज मनाई जाती है। इस दिन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास को विशेष महत्व दिया जाता है। होली के बाद वाली इस भाई दूज को भारत्य द्वितीया कहा जाता है। कल रंगों का त्योहार होली मनाने के बाद अब आज देश भर में भाई दूज या भैया दूज का पर्व मनाया जा रहा है। भाई दूज के दिन पर बहने अपने भाइयों की लंबी, खुशहाल और सुख-समृद्धि से भरी हुई जिंदगी की कामना करती हैं। भाई दूज पर तिलक लगाने और आरती करने का भी खास महत्व होता है, लेकिन तिलक से पहले भाई दूज की पौराणिक कथा/कहानी का पाठ जरूर ही करना चाहिए। यहां पढ़ें भाईदूज की कहानी क्या है, भाई दूज की कथा लिखित में -

भाई दूज की कहानी इन हिंदी

पौराणिक कथा के अनुसार एक नगर में एक बुजुर्ग मां रहती थी। उसके एक बेटा और एक बेटी थी। बेटी की शादी हो चुकी थी और वह ससुराल में रहती थी। होली के बाद बेटे ने अपनी मां से कहा कि वह बहन के घर जाकर तिलक करवाना चाहता है। मां ने खुशी-खुशी उसे जाने की अनुमति दे दी। भाई अपनी बहन के घर जाने के लिए जंगल के रास्ते निकल पड़ा। रास्ते में उसे एक नदी मिली। नदी ने कहा कि वह उसकी जान ले लेगी। यह सुनकर लड़के ने विनती की कि पहले वह अपनी बहन से तिलक करवा ले, उसके बाद वह उसकी जान ले लेना। यह सुनकर नदी ने उसे जाने दिया।

थोड़ा आगे बढ़ने पर उसे एक शेर मिला। शेर ने भी उसे खाने की बात कही। लड़के ने शेर से भी वही विनती की कि पहले वह बहन से तिलक करवा आए, फिर वह उसके पास लौट आएगा। शेर ने भी उसे जाने दिया। आगे रास्ते में उसे एक सांप मिला और उसने सांप से भी यही बात कहकर आगे बढ़ने की अनुमति ले ली। आखिरकार वह अपनी बहन के घर पहुंच गया। उस समय उसकी बहन सूत कात रही थी। होली भाई दूज के दिन बहन ने भाई का तिलक किया, लेकिन उसने देखा कि भाई कुछ उदास है। बहन ने उससे दुख का कारण पूछा तो भाई ने रास्ते में हुई सारी घटनाएं बता दीं।

यह सुनकर बहन बहुत चिंतित हो गई। वह पास के तालाब के किनारे गई, जहां उसे एक बुजुर्ग महिला मिली। बहन ने उनसे अपने भाई को बचाने का उपाय पूछा। बुजुर्ग महिला ने कहा कि यह सब पिछले जन्म के कर्मों का फल है। अगर वह अपने भाई की रक्षा करना चाहती है, तो उसे रास्ते में आने वाले हर संकट को दूर करना होगा। बहन घर लौट आई और उसने भाई से कहा कि वह उसे खुद छोड़ने जाएगी। दोनों साथ-साथ वापस चल पड़े। रास्ते में सबसे पहले शेर मिला। बहन ने शेर के सामने मांस डाल दिया, जिससे शेर शांत हो गया। आगे सांप मिला तो बहन ने उसे दूध पिला दिया।

अंत में वे नदी के पास पहुंचे। बहन ने अपनी ओढ़नी नदी पर रखकर श्रद्धा से प्रणाम किया। बहन के प्रेम और बुद्धिमानी से सभी संकट टल गए और भाई सुरक्षित घर पहुंच गया। कहा जाता है कि इसी वजह से होली भाई दूज के दिन यदि बहन व्रत रखकर अपने भाई को तिलक लगाती है और उसकी लंबी उम्र की कामना करती है, तो भाई को सुख, समृद्धि और लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है।

Holi Bhai Dooj 2026 Date and Time

होलिका दहन और धुलंडी के बाद आने वाली होली भाई दूज पर तिलक लगाने का शुभ समय सामान्यतः सुबह से दोपहर तक माना जाता है। 2026 में होली भाई दूज की डेट 5 मार्च है। पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि 4 मार्च को शाम 4 बजकर 48 मिनट से शुरू हो चुकी है। और इसका समापन 5 मार्च यानी की आज शाम को 5 बजकर 3 मिनट पर होगा। ऐसे में आप अपने भाई को इस समय अवधि के बीच में तिलक लगाकर आरती कर सकती हैं।

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Avni Bagrola
अवनी बागरोला author

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक... और देखें

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