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Holi 2027 Date: 2027 में होली कब है, जानें 21 या 22 मार्च में से कब मनाया जाएगा रंगों का त्योहार

Holi 2027 Date: होली का पर्व हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर मनाया जाता है। यहां देखें कि 2027 में होली कब मनाई जाएगी। अगले साल किस दिन तारीख पर रंग खेला जाएगा।

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2027 में होली कब मनाई जाएगी

Holi 2027 Date: होली भारत का ऐसा त्योहार है जिसका इंतजार बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को रहता है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला यह पर्व सिर्फ रंगों का उत्सव नहीं बल्कि खुशियों, मेल-मिलाप और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है। साल 2027 में होली की तारीख को लेकर लोगों के मन में सवाल है कि आखिर होली 21 मार्च को मनाई जाएगी या 22 मार्च को। हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार होली दो दिनों तक मनाई जाएगी, लेकिन दोनों दिनों का महत्व अलग-अलग है।

2027 में होली कब है

रंगों से खेलने वाली होली, जिसे धुलंडी या रंगवाली होली कहा जाता है, सोमवार, 22 मार्च 2027 को मनाई जाएगी। यही वह दिन होता है जब लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर शुभकामनाएं देते हैं और रंगों के साथ उत्सव का आनंद लेते हैं। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 21 मार्च 2027 को शाम 06 बजकर 21 मिनट से शुरू हो जाएगी। और पूर्णिमा तिथि 22 मार्च को शाम 04 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, इसलिए पूरे दिन रंग खेलने और उत्सव मनाने का शुभ समय रहेगा।

2027 में होलिका दहन कब है

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होली की शुरुआत होलिका दहन से होती है। साल 2027 में होलिका दहन रविवार, 21 मार्च को किया जाएगा। इस दिन शाम के समय प्रदोष काल में होलिका पूजन और दहन का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए इसी दिन होलिका दहन करना शुभ रहेगा। लोग इस दिन लकड़ी, उपले और सूखी टहनियों से होलिका सजाकर पूजा करते हैं और अग्नि प्रज्ज्वलित कर बुराई के अंत का संदेश देते हैं।

क्यों दो दिन मनाई जाती है होली

कई लोग हर साल यही सवाल पूछते हैं कि होली दो दिन क्यों मनाई जाती है। दरअसल, पहले दिन होलिका दहन धार्मिक अनुष्ठान का प्रतीक है, जबकि दूसरे दिन रंगों का उत्सव सामाजिक आनंद का रूप है। होलिका दहन बुराई के दहन और आस्था की जीत का संदेश देता है, वहीं रंगवाली होली रिश्तों में मिठास और अपनापन बढ़ाती है।

होली का पौराणिक महत्व

होली का संबंध भक्त प्रह्लाद और असुर राजा हिरण्यकश्यप की कथा से जुड़ा है। कथा के अनुसार प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे। उन्हें मारने के लिए होलिका अग्नि में बैठी, लेकिन ईश्वर की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका जल गई। तभी से होलिका दहन अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है।

होली का पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में रंग सिर्फ चेहरे पर नहीं बल्कि रिश्तों और भावनाओं में भी होने चाहिए। वहीं होली को सही तरीके से मनाना चाहिए। आपसी भेदभाव मिटाकर विश्वास और उत्साह के रंगों से जिंदगी को खूबसूरत बनाना ही होली का असली संदेश है।

Medha Chawla
मेधा चावला author

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वा... और देखें

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