अध्यात्म

40 साल पुराने पुल को बहा ले गई भयंकर बाढ़, फिर भी अडिग रहा 400 साल पुराना पंजवक्त्र महादेव मंदिर

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Jul 11, 2023, 12:23 PM IST

Panchvaktra Mahadev Temple Mandi in Himachal Pradesh Flood: मंडी जिले में सैलाब से मचे हाहाकार के बीच एक बार फिर चमत्कार हुआ है। जहां एक ओर पुल, पहाड़ और बड़े-बड़े मकान धराशाई हो गए, वहीं ब्यास नदी और सुकेती खड्ड के किनारे बने पंचवक्त्र मंदिर पर कोई असर नहीं पड़ा है।

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Panchvaktra Mahadev Temple Mandi

Panchvaktra Mahadev Temple Mandi in Himachal Pradesh Flood: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से जलप्रलय जैसा मंजर है। ये जलप्रलय 10 साल पहले जैसी केदारनाथ आपदा की याद दिला रहा है। सबसे अधिक नुकसान मनाली से लेकर मंडी तक देखा गया है। ब्यास नदी के उफान में सब कुछ खत्म हो गया है। मनाली से लेकर मंडी तक ब्यास ने ऐसा तांडव मचाया है कि 100 साल पुराने पुल भी बह गए हैं। इसी बीच मंडी से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है कि लोग सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ की महिमा का गुणगान करने लगे।

मंडी जिले में सैलाब से मचे हाहाकार के बीच एक बार फिर चमत्कार हुआ है। जहां एक ओर पुल, पहाड़ और बड़े-बड़े मकान धराशाई हो गए, वहीं ब्यास नदी और सुकेती खड्ड के किनारे बने पंचवक्त्र मंदिर पर कोई असर नहीं पड़ा है। यह मंदिर केदारनाथ जैसा दिखता है। पानी के बीच यह मंदिर काफी हद तक डूब गया लेकिन इसका बाल भी बांका नहीं हुआ। 100 साल के बाद बाढ़ ने मंदिर के बगल स्थित सुकेती खड्ड पर बने विक्टोरिया ब्रिज को भी अपनी चपेट में ले लिया लेकिन मंदिर अडिग रहा।

400 साल पुराना है मंदिर

मंडी का प्रसिद्ध ऐतिहासिक पंचवक्त्र मंदिर 300 साल से ज्यादा पुराना है। मंदिर में स्थापित पंचमुखी शिव की प्रतिमा के कारण इसे पंचवक्त्र नाम दिया गया है। इसे तत्कालीन राजा सिद्ध सेन ( 1684-1727) ने बनवाया था।

पंचवक्त्र मंदिर की खासियत

पंचवक्त्र मंदिर के गर्भगृह में स्थित शंकर भगवान की मूर्ति के पांच मुख हैं। मान्यता है कि यह पांच मुख शिव के अलग-अलग रूप ईशान, अघोरा, वामदेव, तत्पुरुष और रुद्र को दिखाते हैं। पंचवक्त्र महादेव मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षित स्मारकों में है। रविवार सुबह यहां के पंचवक्त्र मंदिर के अंदर ब्यास नदी का पानी पहुंच गया था। शाम होते-होते मंदिर के आसपास जलप्रलय जैसे हालात हो गए।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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