Hartalika Teej Vrat Vidhi In Hindi: हरतालिका तीज त्योहार को शिव-पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथाओं अनुसार सबसे पहले तीज व्रत माता पार्वती के द्वारा ही रखा गया है। कहते हैं इस व्रत के प्रभाव से पार्वती जी को भगवान शिव की प्राप्ति हुई थी। इस साल हरतालिका तीज 6 सितंबर को मनाई जा रही है। इस दिन महिलाएं निर्जल व्रत रहेंगी और शिव-पार्वती की रेत से बनी मूर्ति की पूजा करेंगी। चलिए जानते हैं हरतालिका तीज व्रत की विधि क्या है।
हरतालिका तीज का व्रत कैसे करें (Hartalika Teej Vrat Vidhi In Hindi)
- इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं जल ग्रहण नहीं करती हैं।
- हरतालिका तीज व्रत तीज के सूर्योदय से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक रखा जाता है।
- कई लोग तीज व्रत में शाम की पूजा के बाद पानी पी लेते हैं।
- एक बार जो स्त्री इस व्रत को शुरू कर देती है फिर उसे हर साल इस व्रत को करना होता है
- तीज व्रत में रात में जागकर भजन-कीर्तन करना चाहिए।
- इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान पूजा करें।
- हरतालिका तीज व्रत के दिन मुख्य पूजा प्रदोष काल में की जाती है।
- इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की रेत से बनाई गई मूर्ति की पूजा करती हैं।
- इस दिन महिलाओं को सुहाग की सभी चीज़ें माता पार्वती को अर्पित जरूर करनी चाहिए।
हरतालिका तीज पूजा विधि (Hartalika Teej Puja Vidhi)
हरतालिका तीज की पूजा शुरू करने से पहले गणेश भगवान और शिव-पार्वती जी की रेत से प्रतिमा बना लें। इसके बाद इन प्रतिमाओं को स्थापित करें। सर्वप्रथम भगवान गणेश को तिलक करें और दूर्वा अर्पित करें। फिर भगवान शिव की पूजा धतूरा, फूल, बेलपत्र, शमी पत्र से करें और इसके बाद माता पार्वती को श्रृंगार का सामान चढ़ाएं। इसके बाद तीज की कथा सुनें और अंत में आरती उतारकर भोग सभी में बांट दें।
