अध्यात्म

Hariyali Teej Puja Mantra: हरियाली तीज पूजा के समय शिव-पार्वती के इन मंत्रों का जरूर करें जाप, इस मंत्र के बिना अधूरी है पूजा

Hariyali Teej Puja Mantra: कोई भी पूजा बिना मंत्र जाप के अधूरी मानी जाती है। हरियाली तीज की पूजा में भी शिव-पार्वती के मंत्रों का जाप जरूरी माना गया है। यहां देखें हरियाली तीज पूजा के मंत्र।

Image

Hariyali Teej Puja Mantra

Hariyali Teej Puja Mantra: हरियाली तीज का व्रत पति की लंबी आयु, संतान प्राप्ति और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना से रखा जाता है। इस साल ये त्योहार 7 अगस्त को मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। इस पूजा में शिव-पार्वती के मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए। इससे व्रती की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। यहां देखिए हरियाली तीज पूजा के मंत्र।

हरियाली तीज का पूजा मंत्र (Hariyali Teej Puja Mantra)

हरियाली तीज पूजा के समय इस मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है...

“देहि सौभाग्य आरोग्यं देहि मे परमं सुखम्। पुत्रान देहि सौभाग्यम देहि सर्व। कामांश्च देहि मे।। रुपम देहि जयम देहि यशो देहि द्विषो जहि।।”

मां पार्वती के मंत्र (Maa Parvati Ke Mantra)

  • ॐ उमायै नम:
  • ॐ पार्वत्यै नम:
  • ऊं जगद्धात्र्यै नम:
  • ॐ जगत्प्रतिष्ठयै नम:
  • ॐशांतिरूपिण्यै नम:
  • ॐ शिवायै नम:

शिव जी के मंत्र (Shiv Ji Ke Mantra)

  • ॐ हराय नम:
  • ॐ महेश्वराय नम:
  • ॐ शम्भवे नम:
  • ॐ शूलपाणये नम:
  • ॐ पिनाकवृषे नम:
  • ॐ शिवाय नम:
  • ॐ पशुपतये नम:
  • ॐ महादेवाय नम:

हरियाली तीज की पूजा कैसे की जाती है (Hariyali Teej Ki Puja Kaise Ki Jati Hai)

हरियाली तीज में महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। फिर शाम में भगवान शंकर और मां गौरी की पूजा करती हैं। इस दौरान माता को सुहाग की चीजें चढ़ाई जाती हैं और भगवान शिव को धतूरा, बेलपत्र, इत्र, भांग और चंदन चढ़ाई जाती है। साथ ही पूजा के समय हरियाली तीज की कथा सुनी जाती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article