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Hariyali Teej Ke Gane: आया हरियाली तीज का त्यौहार...यहां देखें हरियाली तीज के लोकगीत

Hariyali Teej Ke Gane (हरियाली तीज के गीत): हरियाली तीज के दिन महिलाएं रात में जागरण करती हैं और इस दौरान गीत और भजन सुनती हैं। इसलिए हम आपके लिए लेकर आए हैं हरियाली तीज के शानदार गीत।

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Hariyali Teej Ke Gane

Hariyali Teej Ke Geet (हरियाली तीज के गाने): हरियाली तीज का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखकर भगवान शिव और माता पार्वती से अपने सुहाग की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। ये व्रत सूर्योदय से शुरू होता है और इसकी समाप्ति भी सूर्योदय के समय होती है। इस व्रत में महिलाएं रात्रि जागरण करती हैं और इस दौरान हरियाली तीज के गीतों को खूब सुना जाता है। चलिए जानते हैं हरियाली तीज के गाने।

हरियाली तीज के गीत (Hariyali Teej Ke Geet)

  • मैया सौभाग्य मेरा कभी कम ना हो,
  • रखूं तीज का व्रत मैं सफल कर दो
  • मांग का सिंदूर दमकता रहे,
  • माथे की बिंदिया चमकती रहे,
  • रहे हाथों में हाथ सदा
  • उनके नाम की मेहंदी महकती रहे
  • निर्जल व्रत करूँ दुख हरो घर आंगन में
  • चमके चांद सितारे,
  • विनती हजार करूं सांझ सवेरे,
  • सदा पिया जी रहे मेरे साथ हमारे
  • अपने पिया का प्यार हमेशा
  • सारी उमर ऐसे पाऊं,
  • बोले हैं चूड़ी बोले हैं कंगन,
  • हर एक वादा निभाउँ
  • गौरी शिव के जैसे जोड़ी रहे,
  • रहे हाथों में हाथ सदा
  • सच्ची श्रद्धा से दीप जलाऊं,
  • धूप जलाके बेल पत्री चढ़ाऊ
  • जुग जुग रहु सदा मैं यही बाती,
  • जैसे रहे संग दिया और बाती
  • माथे का कुमकुम होठों की लाली
  • आंखों में काजल सजाऊ,
  • बोले हैं बिंदिया बोले है पायल
  • पांव महावर सजाऊँ
  • तन पे सोलह श्रृंगार रहे,
  • रहे हाथों में हाथ सदा।।

आया हरियाली तीज का त्यौहार (Hariyali Teej Ke Gane)

  • आया हरियाली तीज का त्यौहार,
  • महीना सावन का,
  • बाँध घुंघरू नाचे बहार,
  • महीना सावन का,
  • आया हरियाली तीज का त्योहार,
  • महीना सावन का ॥
  • उमड़ घुमड़ घनघोर घटाएं,
  • रिमझिम बुँदे रस बरसाए,
  • गावे मेघा मेघ मल्हार,
  • महीना सावन का,
  • आया हरियाली तीज का त्योहार,
  • महीना सावन का ॥
  • कोकिल चातक मोर चकोरे,
  • बुलबुल जुगनू तितलियाँ भोरें,
  • नाचे झूमे करे गुंजार,
  • महीना सावन का,
  • आया हरियाली तीज का त्योहार,
  • महीना सावन का ॥
  • वन वन में फुलवारी फुले,
  • राधा माधव झूला झूले,
  • फूलों कलियों का श्रृंगार,
  • महीना सावन का,
  • आया हरियाली तीज का त्योहार,
  • महीना सावन का ॥
  • सावन झूला दर्शन कीजे,
  • मधुप युगल हरि गायन कीजे,
  • जय बोलो युगल सरकार,
  • महीना सावन का,
  • आया हरियाली तीज का त्योहार,
  • महीना सावन का ॥
  • आया हरियाली तीज का त्यौहार,
  • महीना सावन का,
  • बाँध घुंघरू नाचे बहार,
  • महीना सावन का,
  • आया हरियाली तीज का त्योहार,
  • महीना सावन का ॥

हरियाली तीज के गाने (Hariyali Teej Songs)

  • झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज,
  • राधा संग में झूलें कान्हा झूमें अब तो सारा बाग़,
  • झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज,
  • नैन भर के रस का प्याला देखे श्यामा को नदं लाला,
  • घन बरसे उमड़ उमड़ के देखों नृत्य करे बृज बाला,
  • छमछम करती ये पायलियाँ खोले मन के सारे राज,
  • झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज,

अम्मा मेरी रंग भरा जी, ए जी कोई आई हैं हरियाली तीज।

  • अम्मा मेरी रंग भरा जी, ए जी कोई आई हैं हरियाली तीज।
  • घर-घर झूला झूलें कामिनी जी, बन बन मोर पपीहा बोलता जी।
  • एजी कोई गावत गीत मल्हार,सावन आया...
  • कोयल कूकत अम्बुआ की डार पें जी, बादल गरजे, चमके बिजली जी।
  • एजी कोई उठी है घटा घनघोर, थर-थर हिवड़ा अम्मा मेरी कांपता जी।

नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा,

  • नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा,
  • एक झूला डाला मैंने बाबल के राज में,
  • बाबुल के राज में...
  • संग की सहेली हे सावन का मेरा झूलणा,
  • नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा.
  • ए झूला डाला मैंने भैया के राज में,
  • भैया के राज में...
  • गोद भतीजा हे सावन का मेरा झूलणा,
  • नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा...

हरियाली तीज व्रत का महत्व (Hariyali Teej Vrat Ka Mahatva)

हरियाली तीज व्रत का सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व माना जाता है। मान्यतानुसार इस व्रत को रखने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। ये व्रत महिलाएं पति की लंबी आयु और खुशहाल जीवन की कामना से रखती हैं।
Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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