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Guru Gobind Singh Jayanti 2025: गुरु गोबिंद सिंह जी की जंयती कब है, नोट कर लें डेट

Guru Gobind Singh Jayanti 2025: गुरु गोविंद सिंह सिख धर्म के दसवें और आखिरी गुरु थे। उनके द्वारा ही खालसा पंथ की स्थापना की गई थी। हर साल इनके जन्मोत्सव के दिन पर इनकी जयंती मनाई जाती है। जानिए 2025 में गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती कब मनाई जाएगी।

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Guru Gobind Singh Jayanti 2025

Guru Gobind Singh Jayanti 2025: गुरु गोबिन्द सिंह जी सिख धर्म के 10 गुरुओं में से दसवें गुरु थे। ग्रेगोरियन कैलेण्डर के अनुसार इनका जन्म 01 जनवरी, 1667 को हुआ था। तो वहीं हिन्दु कैलेंडर के अनुसार गुरु गोबिन्द सिंह जी का जन्म विक्रम सम्वत 1723, में पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था। इसलिए हर साल इस तिथि पर गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती मनाई जाती है। 2025 में ये तिथि दो बार पड़ रही है एक बार जनवरी में तो दूसरी बार दिसंबर में। जिस कारण संयोग से 2025 में सिख धर्म के आखिरी गुरु की जयंती दो बार मनाई जाएगी। चलिए आपको बताते हैं इस पर्व की डेट्स।

गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2025 (Guru Gobind Singh Jayanti 2025)

तारीखवर्षगांठतिथि
6 जनवरी 2025, सोमवार358वां जन्म वर्षगांठ5 जनवरी की रात 08:15 से 6 जनवरी की शाम 06:23 तक
27 दिसंबर 2025, शनिवार359वां जन्म वर्षगांठ26 दिसंबर की दोपहर 01:43 से 27 दिसंबर की दोपहर 01:09 तक

गुरु गोविंद सिंह जी के विचार

-असहाय लोगों पर अपनी तलवार या शक्ति का प्रदर्शन कभी नहीं करना चाहिए। वरना विधाता तुम्हारा खून स्वयं बहाएगा।

-मनुष्य से प्रेम करना ही ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति है।

-ईश्वर ने मनुष्य को जन्म ही इसलिए दिया है, ताकि वह अच्छे और बुरे कर्मों की पहचान कर सके।

-मनुष्य को अपनी कमाई का दसवां हिस्सा जरूरतमंदों को दान करना चाहिए।

-अच्छे कर्मों के द्वारा तुम्हें सच्चे गुरु की प्राप्ति होती है, साथ ही ईश्वर की दया से आपको उनका आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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