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Gupt Navratri Navami Havan Vidhi: गुप्त नवरात्रि पर बिना पंडित घर पर कैसे करें हवन, जानिए हवन की संपूर्ण विधि और हवन सामग्री की पूरी लिस्ट

Gupt Navratri Navami Havan Vidhi: आज 27 जनवरी को गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि है। इस दिन गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में पूजा करने वाले लोग हवन आदि करते हैं। अगर आप घर पर हवन करना चाहते हैं तो आप बिना पंडित की सहायता से भी कर सकते हैं। हालांकि गुप्त नवरात्रि का हवन करने के लिए एक बार गुरु से आज्ञा अवश्य ले लें। आइए जानते हैं कि घर पर हवन करने की विधि क्या है और हवन सामग्री में किन चीजों की आवश्यकता होगी?

गुप्त नवरात्रि की हवन विधि

गुप्त नवरात्रि की हवन विधि

Gupt Navratri Navami Havan Vidhi: आज 27 जनवरी 2026 को माघ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। इस दिन गुप्त नवरात्रि की नवमी है। शास्त्रों में गुप्त नवरात्रि को साधना, उपासना और आंतरिक शुद्धि का विशेष समय माना गया है। इस दिन घर पर श्रद्धा और विधि के साथ किया गया हवन नकारात्मक ऊर्जा के शमन, मानसिक शांति, आर्थिक स्थिरता और देवी कृपा की प्राप्ति का माध्यम माना जाता है। हवन को बिना पंडित के भी किया जा सकता है, यदि मंत्र, सामग्री और क्रम सही रखा जाए, लेकिन गुप्त नवरात्रि की पूजा और हवन के लिए गुरु की आज्ञा आवश्यक होती है। इस कारण आप अपने गुरु की आज्ञा के बाद ही हवन करें।

हवन के लिए आवश्यक सामग्री

घर पर हवन करने के लिए सामग्री शुद्ध और सात्विक होनी चाहिए। इसके लिए हवन कुंड मिट्टी या धातु का होना चाहिए। हवन में प्रयुक्त होने वाली मुख्य सामग्री में हवन कुंड, देसी गाय का शुद्ध घी, हवन समिधा या आम-पीपल-पलाश की लकड़ियां, सूखे गोबर के उपले, तिल (काले या सफेद), अक्षत यानी साबुत चावल, गुड़ या खांड, लौंग, इलायची, कपूर, हल्दी, कुमकुम, शुद्ध जल या गंगाजल, पुष्प, धूप, नारियल, फल, पंचमेवा, नवग्रह लकड़ी, लोबान, गुग्गुल, अगर, तगर, गिलोय, तुलसी, जटामासी, कालमेघ, भुई आंवला, गोफल, जावित्री, देवदार,शीतल चीनी, सफेद चंदन, लाल चंदन, दारुहल्दी, कपूर, नीम, सर्पगंधा, कुटकी, करांग जीरी और देवी को अर्पित करने के लिए सात्विक भोग शामिल होते हैं। यदि उपलब्ध हो तो हवन सामग्री में बेलपत्र या कमल पुष्प भी जोड़ा जा सकता है, जो देवी उपासना में विशेष शुभ माने जाते हैं।

हवन से पहले लें संकल्प

हवन प्रारंभ करने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें। दाहिने हाथ में जल, चावल और पुष्प लें और मन में संकल्प करें कि आप गुप्त नवरात्रि की नवमी पर देवी की कृपा के लिए हवन कर रहे हैं।

संकल्प मंत्र इस प्रकार लें

‘ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः।

अद्य माघ मासे शुक्ल पक्षे नवमी तिथौ

अहं (अपना नाम)

मम परिवारस्य सुख-शांति, आरोग्य, ऐश्वर्य

एवम् देवी कृपा प्राप्त्यर्थं

गुप्त नवरात्रि हवनं करिष्ये।’

इसके बाद जल भूमि पर छोड़ दें।

अग्नि प्रज्वलन मंत्र

हवन कुंड में लकड़ी और उपले रखकर अग्नि प्रज्वलित करें। अग्नि को देवता स्वरूप मानकर यह मंत्र बोलें

ॐ अग्नये नमः।

ॐ अग्निं दूतं पुरोदधे।

इसके बाद घी की पहली आहुति दें।

इन मंत्रों से दें हवन में आहुति

हवन में कुछ मंत्रों के माध्यम से आहुतियां दी जा सकती हैं। हर मंत्र के साथ घी, तिल या हवन सामग्री अर्पित करें।

सबसे पहले गणपति मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः।

इसके बाद नवग्रह शांति मंत्र

ॐ नवग्रहाय नमः।

इसके बाद इन मंत्रों से आहुति दें।

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।

ॐ श्री महाकाल्यै स्वाहा

ॐ श्री तारायै स्वाहा

ॐ श्री षोडश्यै (त्रिपुरसुंदर्यै) स्वाहा

ॐ श्री भुवनेश्वर्यै स्वाहा

ॐ श्री भैरव्यै स्वाहा

ॐ श्री छिन्नमस्तायै स्वाहा

ॐ श्री धूमावत्यै स्वाहा

ॐ श्री बगलामुख्यै स्वाहा

ॐ श्री मातंग्यै स्वाहा

ॐ श्री कमलायै स्वाहा

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं मातंग्यै नमः।

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।

सामान्य शक्ति हवन के लिए ॐ दुं दुर्गायै नमः।

हवन को पूर्ण करने के लिए

ॐ स्वाहा बोलें। हर मंत्र के अंत में ‘स्वाहा’ बोलकर आहुति देना आवश्यक माना गया है।

पूर्णाहुति मंत्र

हवन के अंत में विशेष पूर्णाहुति दी जाती है। इसमें घी, तिल, गुड़ और पंचमेवा का प्रयोग करें।

‘ॐ सर्वं वै पूर्णं स्वाहा।

ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते।

पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते।’

27 जनवरी 2026 गुप्त नवरात्रि की नवमी को हवन के लिए शुभ मुहूर्त

आज के दिन हवन के लिए कई शुभ समय उपलब्ध हैं। प्रातः ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:26 से 06:19 तक रहेगा, जिसे आध्यात्मिक कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इसके अलावा प्रातः संध्या का समय सुबह 05:52 से 07:12 तक है, जिसमें देवी उपासना विशेष फल देती है। दोपहर में अभिजित मुहूर्त 12:13 से 12:55 तक रहेगा, जो हवन और यज्ञ के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। विजय मुहूर्त दोपहर 02:21 से 03:04 तक रहेगा, जिसमें किया गया हवन बाधाओं पर विजय दिलाने वाला माना जाता है। शाम के समय गोधूलि मुहूर्त 05:54 से 06:20 तक और सायाह्न संध्या 05:56 से 07:16 तक रहेगी, जो देवी साधना के लिए उपयुक्त है। इसके साथ ही आज सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग सुबह 11:08 से अगले दिन सुबह 07:11 तक रहेंगे, जिससे पूरे समय में किया गया हवन शुभ फल देने वाला माना जाता है।

हवन के बाद क्या करें

हवन पूर्ण होने के बाद अग्नि को शांत होने दें। देवी के समक्ष क्षमा प्रार्थना करें कि यदि अनजाने में कोई त्रुटि हुई हो तो उसे स्वीकार करें। प्रसाद को परिवार में वितरित करें और हवन स्थल को स्वच्छ रखें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गुप्त नवरात्रि का हवन और पूजा बिना गुरु की आज्ञा के न करें।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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