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Gangaur Puja Samagri 2025: गणगौर पूजा में किन-किन सामग्री की जरूरत पड़ेगी, तुरंत नोट करें

Gangaur Puja Samagri List In Hindi: गणगौर पूजा में एक लकड़ी का साफ पटरा, कलश, काली मिट्टी, होलिका की राख समेत कई सामग्रियों की जरूरत पड़ेगी। यहां चेक करें गणगौर पूजा की सामग्री लिस्ट।

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Gangaur Puja Samagri List In Hindi

Gangaur Puja Samagri List In Hindi (गणगौर पूजा सामग्री लिस्ट): गणगौर का त्योहार चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मनाया जाता है। इस साल ये त्योहार 31 मार्च को पड़ रहा है। इस पर्व को मुख्य रूप से राजस्थान में मनाया जाता है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और गुजरात के कुछ इलाकों में भी गणगौर पूजा की जाती है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार ये व्रत पति से गुप्त रखना होता है। यहां आप जानेंगे गणगौर पूजा की सामग्री लिस्ट।

गणगौर पूजा सामग्री (Gangaur Puja Samagri List In Hindi)

  • लकड़ी की चौकी
  • बाजोट
  • पाटा
  • चावल
  • हल्दी
  • मेहन्दी
  • गुलाल
  • अबीर
  • गमले
  • मिट्टी का दीपक
  • कुमकुम
  • घी
  • फूल
  • दुब
  • पानी से भरा कलश
  • पान के पत्ते
  • गेहू
  • काजल
  • ताम्बे का कलश
  • नारियल
  • सुपारी
  • गणगौर के कपड़े
  • काली मिट्टी
  • होली की राख़
  • दो मिट्टी के कुंडे
  • आम के पत्ते
  • बॉस की टोकनी
  • चुनरी का कपड़ा

गणगौर पूजा का महत्व

गणगौर का पर्व पूरे 18 दिनों तक चलता है। लेकिन इस पर्व का आखिरी दिन सबसे महत्वरपूर्ण होता है। इस पर्व को कई जगहों पर गौरी तीज या सौभाग्य तीज के नाम से भी जाना जाता है। ये व्रत माता पार्वती को समर्पित होता है। मान्यता अनुसार मां पार्वती इस व्रत को करने वाली महिलाओं को सदा सुहागन रहने का वरदान दिया था। इसलिए ही इस व्रत का इतना महत्व माना जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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