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Gangaur Banane Ki Vidhi: घर पर मिट्टी के गणगौर कैसे बनाएं, यहां जानिए आसान तरीका

Gangaur Banane Ki Vidhi: इस साल गणगौर का त्योहार 31 मार्च को मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं इसर जी और गौरी जी की पूजा करती हैं। जिसके लिए मिट्टी से प्रतिमाएं तैयार की जाती हैं। चलिए आपको बताते हैं घर पर गणगौर बनाने का आसान तरीका क्या है।

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Gangaur Banane Ki Vidhi

Gangaur Banane Ki Vidhi: गणगौर पूजा के दिन महिलाएं मिट्टी से इसर जी और गौरी जी की मूर्ति बनाती हैं। तो वहीं कई महिलाएं मार्केट से बनी-बनाई मूर्तियां खरीदकर उनकी पूजा करती हैं। इस पर्व के समापन के बाद इन प्रतिमाओं को विसर्जित कर दिया जाता है। अगर आप घर पर ये प्रतिमाएं तैयार करना चाहती हैं। तो यहां हम आपको इन मूर्तियों को बनाने की आसान विधि बताने जा रहे हैं। इस बात का ध्यान रखें कि इन प्रतिमाओं को बनाने के लिए साफ स्थान की मिट्टी का ही प्रयोग करें।

Gangaur Banane Ki Vidhi (गणगौर बनाने की विधि)

  • गणगौर बनाने के लिए हमें शुद्ध मिट्टी और साफ पानी चाहिए होगा।
  • साथ में कुछ लकड़ियों के छोटे-छोटे टुकड़ों की जरूरत पड़ेगी। आप लकड़ी के स्थान पर टूथपिक भी ले सकते हैं।
  • गणगौर पूजा की प्रतिमाएं महिलाएं खुद बनाती हैं। जिसमें शिव जी (इसर जी) और पार्वती जी (गौरी जी) की प्रतिमा बनाई जाती है।
  • गौरी जी की प्रतिमा बनाने के लिए थोड़ी सी मिट्टी लेकर उससे शरीर बनाएं। फिर मिट्टी से मुंह बनाएं। फिर दोनों तरफ हाथ लगा दें।
  • ऐसे ही इसर जी की भी प्रतिमा बनानी है।

मिट्टी के गणगौर की फोटो (Mitti Ke Gangaur Ki Photo)

Gangaur Banane Ki Vidhi

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जब मूर्तियां तैयार हो जाएं तो उन्हें सूखने के लिए रख दें। इसके बाद मूर्तियों पर कलर करें। इस तरह बड़े ही आसानी से आपकी गणगौर पूजा की प्रतिमा तैयार हो जाएगी।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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