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Ganesh Chaturthi Puja Samagri: गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री, जानें गणपति बप्पा की पूजा में क्या-क्या सामान लगता है

Ganesh Chaturthi Puja Samagri List In Hindi (गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री): हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी की विशेष महत्व होता है। इस दिन गणपति बप्पा की पूरे विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। अगर आप भी अपने घर में बप्पा का स्वागत कर रहे हैं तो आपको सबसे पहले यहां से गणपति की पूजन सामग्री नोट कर लेना चाहिए।

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गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री लिस्ट (pic credit: AI)

Ganesh Chaturthi Puja Samagri List In Hindi (गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री): हर साल भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन गणेश चतुर्थी मनाया जाता है। साल 2025 में ये खास दिन आज यानी 27 अगस्त के दिन है। 7 अगस्त से अगले 10 दिनों तक गणेश उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान बप्पा की पूजा होगी। गणपति जी की पूजा में कई तरह के सामान की जरूरत पड़ती है। अगर आप भी अपने घर या मोहल्ले में गणेश जी की मूर्ति स्थापना करने वाले हैं और पूजा करने वाले हैं तो आपके पास सबसे पहले सामान की एक लिस्ट होनी चाहिए। यहां से आप गणेश चतुर्थी की सामग्री लिस्ट देख सकते हैं।

गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री लिस्ट (Ganesh Chaturthi Puja Samagri List | Ganpati Puja Saman List)

  1. गणेश जी की प्रतिमा
  2. रोली
  3. सिंदूर
  4. लौंग
  5. इलायची
  6. सुपारी
  7. लाल कपड़ा
  8. दूर्वा (21,11 या कम से कम 7)
  9. गंगाजल
  10. गुलाब जल
  11. मौली
  12. पीला चंदन
  13. मूली के पत्ते
  14. मोदक
  15. पान के पत्ते
  16. कलश
  17. नारियल
  18. कपूर
  19. फूल
  20. फल (5 तरह के)
  21. जनेऊ
  22. धूपबत्ती
  23. हवन सामग्री

गणेश चतुर्थी के दिन पूजा करते समय रखें इन बातों का ध्यान (Ganesh Chaturthi 2025)-

गणपति के उलटे हाथ की ओर जल से भरा कलश रखें। कलश पर पहले चावल या गेंहू रखें। इसके बाद धूप और अगरबत्ती लगाएं। कलश के मुख पर मौली बांधें और आमपत्र के साथ उस पर जटा वाला नारियल रखें। याद रखें कभी भूल के भी गणपति को तुलसी न चढ़ाएं। उसकी जगह दूर्वा को धो कर चढ़ाएं। कलश पर जब नारियल रखें तो उसकी जटा हमेशा ऊपर की ओर ही होनी चाहिए। घी और चंदन कभी भी तांबे के कलश पर न रखें। गणेश जी दहीने हाथ की तरफ घी का दीया रखें और दक्षिणावर्ती शंख का स्थान होना चाहिए। साथ ही इसमें सुपारी भी जरूर रखें। पूजा शुरू करते समय अपने हाथ में अक्षत, जल और पुष्प लें और गणपति जी का ध्यान कर सभी देवताओं को स्मरण कर लें। फिर हाथ में लिया अक्षत, फूल और जल प्रभु को समर्पित कर दें। अब चौकी पर चावल का एक आसन बना कर उस पर एक सुपारी भी स्थापित कर दें। भगवान गणेश का आह्वान करें और कलश पूजन करें। कलश उत्तर-पूर्व दिशा या चौकी की बाईं ओर ही होना चाहिए। इसके बाद पूजा करें और गणपति जी की आरती करें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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