फरवरी 2026 में ग्रहण कब है, इस महीने में कौन सा ग्रहण लगेगा, फरवरी 2026 ग्रहण डेट, फरवरी 2026 का ग्रहण क्या भारत में दिखेगा
- Authored by: मेधा चावला
- Updated Feb 4, 2026, 12:58 PM IST
February 2026 mein grahan kab hai (February 2026 Grahan Date in India): फरवरी का महीना शुरू हो चुका है। और इसी के साथ कई लोग सर्च कर रहे हैं कि फरवरी 2026 में क्या कोई ग्रहण लगेगा। इस महीने में कौन सा ग्रहण है। क्या फरवरी 2026 में सूर्य ग्रहण है या चंद्र ग्रहण। यहां जानें इसके बारे में सटीक जानकारी।
फरवरी 2026 में कौन सा ग्रहण लगेगा
February 2026 mein grahan kab hai (February 2026 Grahan Date in India): जो लोग जानना चाहते हैं कि फरवरी 2026 में ग्रहण लगेगा या नहीं - तो बता दें कि इस साल का पहला ग्रहण लगेगा इसी महीने में ही लगेगा। फरवरी 2026 में कौन सा ग्रहण लगेगा, फरवरी 2026 में ग्रहण कब लगेगा, फरवरी 2026 में ग्रहण की डेट - इस बारे में सारी जानकारी इससे जुड़ी सारी जानकारी आप इस लेख में देख सकते हैं।
फरवरी 2026 में ग्रहण कब है
फरवरी 2026 में ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा। इस दिन मंगलवार को लगेगा। 17 फरवरी 2026 को इस साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। पंचांग के अनुसार, इस दिन फाल्गुन अमवास्या की तिथि होगी। बता दें कि इस महीने में बस यही एक ग्रहण लगेगा।
फरवरी 2026 सूर्य ग्रहण डेट
फरवरी 2026 में सूर्य ग्रहण लगेगा और इसकी तारीख 17 फरवरी है। इस ग्रहण के 15 दिन बाद फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगेगा जो कि इस साल का पहला चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) होगा।
फरवरी 2026 में कौन सा ग्रहण लगेगा
17 फरवरी 2026 को जो ग्रहण लगेगा, वह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। इसे अंग्रेज़ी में एन्युलर सोलर एक्लिप्स कहा जाता है। इस तरह के ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। चांद से सूर्य का बीच का हिस्सा ढक जाता है और किनारों से एक चमकदार गोल घेरा दिखाई देता है। इसी वजह से इसे आग की अंगूठी या रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है।
फरवरी 2026 ग्रहण क्या भारत में दिखाई देगा
17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह ग्रहण दुनिया के कुछ दूसरे हिस्सों में दिखाई देगा लेकिन भारत की भौगोलिक स्थिति में उस समय सूर्य और चंद्रमा की ऐसी स्थिति नहीं बनेगी कि ग्रहण नजर आए। इसलिए भारत में लोग इसे अपनी आंखों से नहीं देख पाएंगे।
क्या इस ग्रहण का सूतक मान्य होगा
जब भी ग्रहण की बात होती है, सूतक को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल तभी माना जाता है जब ग्रहण किसी स्थान पर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे। चूंकि 17 फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इस ग्रहण का सूतक मान्य नहीं होगा। मंदिर बंद करने, पूजा रोकने या खाने-पीने से जुड़ी पाबंदियां लगाने की जरूरत नहीं मानी जाती।
ग्रहण को लेकर क्या ध्यान रखें
वैज्ञानिक रूप से ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है। इससे स्वास्थ्य या रोजमर्रा की जिंदगी पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। जो लोग आस्था रखते हैं, वे इसे आत्मचिंतन, जप या ध्यान का अवसर मान सकते हैं। लेकिन डर या भ्रम में आने की जरूरत नहीं है। फरवरी 2026 का ग्रहण भारत के लिए केवल कैलेंडर की जानकारी है, व्यवहारिक बदलाव की नहीं।