अध्यात्म

फरवरी में कोई ग्रहण है या नहीं, सूर्य ग्रहण है या चंद्र ग्रहण, जानें कितने दिन बाद ग्रहण लगेगा?

February 2026 Me Grahan Kab Hai: फरवरी में कोई ग्रहण है या नहीं? फरवरी में सूर्य ग्रहण है या चंद्र ग्रहण? क्या फरवरी का ग्रहण भारत में दिखेगा? आज से कितने दिन बाद ग्रहण लगेगा? फरवरी के ग्रहण से जुड़े सभी सवालों का जवाब यहां मौजूद है।

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फरवरी 2026 में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण कब है (pc: canva)

February 2026 Me Grahan Kab Hai: साल 2026 का पहला ग्रहण बहुत जल्द लगने वाला है। लेकिन ये ग्रहण कब है? ग्रहण से जुड़े कई सारे सवाल और कंफ्यूजन लोगों के बीच है। क्योंकि ग्रहण के दौरान लोगों को कई सारी बातों का ध्यान रखना होता है। खासतौर से प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए ये समय सावधानी रखने वाला होता है। तो ऐसे में सबसे पहले तो ये कंफर्म करना है कि क्या फरवरी में कोई ग्रहण? इतना ही नहीं, फरवरी में सूर्य ग्रहण है या चंद्र ग्रहण? आज से कितने दिन बाद ग्रहण लगने वाला है? क्या फरवरी का ग्रहण भारत में दिखेगा? यहां ग्रहण से जुड़े ऐसे सभी मुश्किल सवालों के आसान जवाब हैं।

फरवरी 2026 में ग्रहण कब लगेगा?

फरवरी में एक ग्रहण लगने वाला है। इस महीने में ग्रहण 17 तारीख, मंगलवार के दिन है। ये वलयाकार सूर्य ग्रहण है। इसका आरंभ भारतीय समय से दोपहर 03.26 बजे होगा। सूर्य ग्रहण का मध्य समय शाम 05.42 बजे होगा और इस ग्रहण का समापन शाम 07.57 बजे होगा।

वलयाकार सूर्य ग्रहण क्या है?

वलयाकार सूर्यग्रहण तब लगता है जब चांद सामान्य की तुलना में धरती से दूर हो जाता है। नतीजतन उसका आकार इतना नहीं दिखता कि वह पूरी तरह सूर्य को ढक ले। वलयाकार सूर्यग्रहण में चांद के बाहरी किनारे पर सूर्य रिंग यानी अंगूठी की तरह काफी चमकदार नजर आता है।

आज से कितने दिन बाद ग्रहण लगेगा?

फरवरी का सूर्य ग्रहण 17 तारीख को है और आज 9 फरवरी है तो सूर्य ग्रहण 8 दिन बाद लगने वाला है।

क्या 17 फरवरी का सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा?

वैसे तो सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले ही सूतक काल शुरू हो जाता है, जिसमें पूजा-पाठ और शुभ कार्यों की मनाही होती है। लेकिन, 17 फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा।

कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?

खगोलविदों के अनुसार, यह कंकण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिणी अफ्रीका, अंटार्कटिका, और दक्षिण अमेरिका के कुछ क्षेत्रों में ही देखा जा सकेगा। जिन देशों में यह सूर्य ग्रहण नजर आएगा, उनमें जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, नामीबिया, मॉरीशस, बोत्सवाना, मोजाम्बिक, अर्जेंटीना और चिली शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग विशेष उपकरणों की मदद से इस दुर्लभ खगोलीय घटना का आनंद ले सकेंगे।

ग्रहण में क्या करें और क्या न करें-

भगवान के मंत्रों का जाप किया जाए, तो इसका नकारात्मक असर कम हो सकता है। इस दौरान भगवान की मूर्तियों और तस्वीरों को छूना वर्जित होता है। खास तौर से प्रेग्नेंट यानी गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। वैसे तो फरवरी वाले सूर्य ग्रहण में सूतक नहीं लग रहा है लेकिन अगर सूतक हो तो मंत्रों का जाप करना चाहिए। इससे मां-बच्चा दोनों की सुरक्षा होती है। ग्रहण के दौरान बाहर जाने और सीधे सूर्य या चंद्र को देखने से बचें, क्योंकि इससे आंखों को नुकसान हो सकता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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