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Eid Milad-un-Nabi 2024: आज है ईद-ए-मिलाद पर्व, जानिए इस दिन क्या करते हैं और नमाज पढ़ने का तरीका क्या है

Eid Milad-un-Nabi 2024 Date: ईद-ए-मिलाद पर्व को मिलाद-उन-नबी के नाम से भी जाना जाता है। मुस्लिम लोगों के लिए ये दिन बेहद खास होता है क्योंकि इस दिन पैगंबर मुहम्मद जी का जन्म हुआ था। चलिए जानते हैं इस साल ईद मिलाद-उन-नबी किस तारीख को मनाई जाएगी।

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Eid Milad-un-Nabi 2024 Date

Eid Milad-un-Nabi 2024 Date: मिलाद-उन-नबी/ईद-ए-मिलाद का पर्व इस्लाम धर्म के लोगों के लिए बेहद खास होता है। मुस्लिम धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन पैगंबर मुहम्मद का जन्म हुआ था। बता दें ये त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अवल के बारहवें दिन मनाया जाता है। बकरा ईद और मीठी ईद की तरह ही ये त्योहार भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कुछ शिया मुसलमान इस त्योहार को 17वें रबी-उल-अवल पर मनाते हैं। चलिए जानते हैं इस साल ईद मिलाद-उन-नबी कब मनाई जाएगी।

ईद-मिलाद-उन-नबी कब है 2024 में (Eid Milad un Nabi Kab Hai 2024)

इस साल ईद मिलाद-उल-नबी 16 सितंबर को मनाई जाएगी। इस्लामिक कैलेंडर की डेट में हर साल परिवर्तन होने की वजह से ईद की तारीख में भी बदलाव होता रहता है। बता दें सुन्नी मुसलमान इस पर्व को 12वें रबी-उल-अवल को मनाते हैं जबकि शिया मुसलमान इस त्योहार को 17वें रबी-उल-अवल पर मनाते हैं।

ईद-मिलाद-उन-नबी नमाज का तरीका (Eid Milad un Nabi Namaz Ka Tarika In Hindi)

  • नमाज पढ़ने से पहले बदन का पाक होना जरूरी है।
  • इसके अलावा नमाज साफ कपड़े पहनकर करनी चाहिए।
  • नमाज पढ़ते समय किबला की तरफ मुंह होना चाहिए।
  • नमाज की नियत और इरादा करना
नमाज पढ़ने के लिए मुसल्ले बिछा लें फिर काबा की तरफ मुंह करके नमाज पढ़ने की नियत करे...

नमाज की नियत (Namaz Ki Niyat In Hindi)

“नियत की मैने दो रकात नमाज सुन्नत वकत फजर का, वास्ते अल्लाह ताला के लिए मुह मेरा काबा शरीफ कि तरफ- अल्लाहु अकबर” नमाज की नियत करने के बाद आपको “सना” “सुबहाना कल्ला हुम्मा” पढ़ना है। नमाज पढ़ने का सही तरीका जानने के लिए यहां क्लिक करें

ईद-मिलाद-उन-नबी क्यों मनाई जाती है (Eid Milad un Nabi Kyu Manai Jati Hai)

ईद-मिलाद-उन-नबी का त्योहार पैगंबर मुहम्मद के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन उनकी सिखाई हुई बातों पर अमल किया जाता है। बता दें10वीं सदी में इस दिन को पहली बार त्योहार का दिन माना था और 13वीं सदी तक ये पूरी दुनिया में मनाया जाने लगा था।

ईद-मिलाद-उन-नबी के दिन क्या करते हैं (How To Celebrate Eid Milad un Nabi)

ईद-मिलाद-उन-नबी के दिन प्रार्थना की जाती है। पैगंबर द्वारा दी गई सीखों को दोहराया जाता है। नमाज पढ़ी जाती है। इस दिन कई जगह जुलूस निकाला जाता है। साथ ही जरूरतमंदों की मदद की जाती है। गरीबों को खाना खिलाया जाता है। इस्लामिक धार्मिक मान्यताओं अनुसार पैगंबर मुहम्मद अल्लाह के आखिरी दूत थे। उन्होंने कुरान में कई शिक्षाएं दी थीं। ईद-मिलाद-उन-नबी के दिन उन्हीं शिक्षाओं को दोहराना अच्छा माना जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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