Gopashtami 2025: आज कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन पहली बार गाय चराई थी और तभी से गोमाता की सेवा सबसे बड़ा पुण्य मानी जाती है। गाय के अंदर 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। इस कारण गाय की सेवा से सभी देवताओं को आशीर्वाद बना रहता है। माना जाता है कि अगर आपकी लाइफ में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है तो शाम के समय कुछ आसान से उपायों को करने से इन समस्याओं का अंत हो सकता है। आइए जानते हैं कि वे उपाय कौन से हैं।
गौमाता को हरा चारा खिलाएं
शाम को गौमाता को हरा चारा खिलाएं। इससे अगर आपकी जॉब या व्यापार में रुकावट है या फिर नौकरी में तरक्की नहीं हो रही और पढ़ाई में मन नहीं लगता है तो इन समस्याओं का समाधान हो जाएगा। अधिक लाभ के लिए यह उपाय 21 दिन तक करें।
गुड़-चने का भोग लगाएं
गुड़ और भुने चने मिलाकर गोमाता को भोग लगाएं। ऐसा करने से घर में पैसों की तंगी दूर होती है। बच्चे बीमार रहते हैं या सुख-शांति नहीं है तो यह उपाय तुरंत राहत देता है। भोग लगाने के बाद प्रसाद परिवार में बांटें। इस उपाय को करने से लक्ष्मी जी हमेशा घर में वास करती हैं।
लगाएं रोली-चंदन का तिलक
गोमाता के माथे पर रोली और चंदन से तिलक करें। फिर खुद भी लगाएं। यह उपाय शनि, राहु और केतु के दोष को शांत करता है। अगर कुंडली में पितृ दोष, कालसर्प या स्वास्थ्य समस्या है तो यह उपाय चमत्कारी है। शाम को करने से रात की नेगेटिव एनर्जी घर से बाहर चली जाती है।
मंत्र जप और दीपक जलाएं
घी का दीपक जलाएं। ॐ नमो देव्यै महादेव्यै सुरभ्यै च नमो नमः मंत्र 11, 21 या 108 बार जपें। इससे भगवान विष्णु और तुलसी माता की कृपा प्राप्त होती है। अगर घर में कलह है, पति-पत्नी में अनबन, या नींद नहीं आती – यह उपाय मन को शांत करता है। दीपक बुझने न दें और अंत में उसी दीपक से आरती करें।
ग्वालों के साथ 7 कदम चलें
अगर गौशाला में ग्वाले गाय चरा रहे हैं, तो उनके साथ 7 कदम चलें। यह उपाय संतान सुख, वैवाहिक जीवन और यात्रा सुख देता है
