अध्यात्म

बिना सलाह के न पहन लें नग वाली अंगूठी, फायदे की जगह होगा नुकसान, जानें उंगली और नग का संबंध

Stone Ring Wearing Rules : लोगों को आपने अक्सर हाथों में नग वाली अंगूठियां धारण किए हुए देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें धारण करने का नियम है। आज हम आपको बताएंगे कि कौन-सी उंगली में कौन-सा नग धारण करना चाहिए। आइए विस्तार से जानते हैं ये जरूरी जानकारी...

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stone ring wearing rule (Photo - Canva)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमारी राशि और ग्रह नक्षत्रों के आधार पर कुछ नग धारण करने का विधान है। लेकिन क्या आप जानते हैं रत्न से बनी अंगूठियां धारण करने के लिए निर्धारित अंगुली का चयन ही किया जाना चाहिए। क्योंकि गलत उंगली का चयन होने पर आपको इसके नकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं। वहीं यदि रत्न और उंगली का चयन सही होता है, तो आपको इसके चमत्कारिक परिणाम देखने को मिलेंगे। आज हम आपको विस्तार से बताएंगे कि कौन-सी अंगुली में कौन-सा रत्न धारण करना चाहिए। आइए जानते हैं इसके बारे में सही जानकारी...

अंगूठे में क्या पहनना चाहिए?

कुछ ज्योतिषाचार्यों की मानें तो अंगूठे में कोई अंगूठी नहीं पहननी चाहिए। लेकिन कुछ लोग अंगूठे में भी रत्न धारण करने की सलाह देते हैं। अंगूठा आपकी इच्छा शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अंगूठे में माणिक्य यानी गारनेट की अंगूठी धारण कर सकते हैं।

तर्जनी उंगली में क्या पहनना चाहिए?

तर्जनी उंगली हमारे शरीर में बृहस्पति का प्रतिनिधित्व करती है। जिसकी ऊर्जा आपके जीवन में ज्ञान, मान-सम्मान, करियर में सफलता को तय करती है। जिसके लिए पीला पुखराज रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है।

मध्यमा उंगली में क्या पहनना चाहिए?

मध्यमा उंगली शरीर में शनि गृह का प्रतिनिधित्व करती है। जिसका प्रभाव स्थिरता, एकाग्रता, करियर और शारीरिक मजबूती से जुड़ा हुआ है। मध्यमा उंगली में नीलम और हीरा धारण करने की सलाह दी जाती है।

अनामिका उंगली में क्या पहनना चाहिए?

अनामिका यानी रिंग फिंगर हमारे लिए काफी महत्व रखती है। ये उंगली सूर्य और शुक्र का प्रतिनिधित्व करती है। जिससे हमारे जीवन में आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, वैवाहिक जीवन, नेतृत्व क्षमता तय होती है। इस उंगली में आप माणिक, मूंगा और हीरा धारण कर सकते हैं।

कनिष्ठा उंगली में क्या पहनना चाहिए?

कनिष्ठा उंगली बुध गृह से जुड़ी हुई मानी जाती है। जो हमारी बुद्धिमत्ता, संवाद कौशल, व्यापार में सफलता को तय करता है। कनिष्ठा उंगली में पन्ना रत्न धारण करने का विधान है।

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गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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