अध्यात्म

दशहरे के कितने दिन बाद दिवाली आती है? जानें, इस साल कितने बजे होगी दिवाली की लक्ष्मी पूजा

Diwali Kab Hai 2025 Mein (दिवाली कितने तारीख को है अक्टूबर में): दशहरा कल समाप्त हुआ है और इसके बाद अब हर किसी को दिवाली का इंतजार है। तो दिवाली कब मनाई जाएगी, ये आप यहां से जान सकते हैं। यहां दिवाली की तारीखा के साथ लक्ष्मी पूजा की शुभ मुहूर्त भी मौजूद है।

Image

दशहरा के कितने दिन बाद दिवाली है? (pic credit: canva)

Diwali Kab Hai 2025 Mein (दिवाली कितने तारीख को है अक्टूबर में): दिवाली का त्योहार हिंदू धर्म के लिए बेहद खास है। हर साल कार्तिक अमावस्या पर दिवाली मनाई जाती है। अब चूंकि दशहरा समाप्त हो गया है तो हर किसी को दिवाली का इंतजार है। दिवाली कब है, ये आप यहां से जान सकते हैं। यहां दिवाली की तारीख लिखी हुई है। साथ ही यहां दिवाली के दिन की लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त भी बताया गया है। इतना ही नहीं, चौघड़िया पूजा मुहूर्त और नरक चतुर्दशी की जानकारी भी यहां है।

दशहरा से दीपावली कितने दिन बाद आती है?

हर बार दीपावली का त्योहार विजयदशमी के 20 या 21 दिन के बाद मनाया जाता है, लेकिन इस बार दीपावली विजयदशमी के 20 दिन के बाद नहीं बल्कि 18 दिन के बाद मनाई जाएगी।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त-

  • लक्ष्मी पूजा मुहूर्त - 11:41 PM से 12:31 AM (अक्टूबर 21)
  • निशिता काल - 11:41 PM से 12:31 AM (अक्टूबर 21)
  • सिंह लग्न - 01:38 AM से 03:56 AM (अक्टूबर 21)

दिवाली चौघड़िया पूजा मुहूर्त 2025-

  • अपराह्न मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 03:44 PM से 05:46 PM
  • सायाह्न मुहूर्त (चर) - 05:46 PM से 07:21 PM
  • रात्रि मुहूर्त (लाभ) - 10:31 PM से 12:06 AM (अक्टूबर 21)
  • उषाकाल मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - 01:41 AM से 06:26 AM (अक्टूबर 21)

नरक चतुर्दशी मुहूर्त 2025-

साल 2025 में नरक चतुर्दशी 20 अक्टूबर, सोमवार को है, जिसके लिए चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 19 अक्टूबर 2025 को दोपहर 1:51 बजे शुरू होगा और 20 अक्टूबर 2025 को दोपहर 3:44 बजे समाप्त होगा। इस दिन यम के नाम का दीपक शाम को प्रदोष काल में जलाया जाता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article