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Diwali Chopada Puja Vidhi And Muhurat 2024: दीवाली के दिन की जाती है चोपड़ा पूजा, यहां जानिए इसकी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Diwali Chopada Puja Vidhi And Shubh Muhurat 2024: दीवाली के दिन चोपड़ा पूजा का भी विधान है। इस दिन बही खाते की पूजा की जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं चोपड़ा पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में।

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दिवाली चोपड़ा 2024

Diwali Chopada Puja Vidhi And Shubh Muhurat 2024: दीवाली का त्योहार हर साल कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि के दिन मनाया जाता है। गुजरात में दीवाली के दिन चोपड़ा पूजा का पर्व मनाया जाता है। चोपड़ा पूजा खास तौर पर बिजनेस करने वाले लोग करते हैं। ये पूजा व्यवसाय करने वालों के लिए बहुत खास मानी जाती है। चोपड़ा पूजा दिन गुजराती समुदाय के लोग अपने बही खाते की पूजा करते हैं। चोपड़ा पूजन के दिन नये किताबों की भी पूजा की जाती है। इस दिन लक्ष्मी पूजन और गणेश पूजन करने से साधक को धन की प्राप्ति होती है। इस साल चोपड़ा पूजा 1 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। ऐसे में आइए जानें दीवाली चोपड़ा पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में।

Diwali Chopada Puja Shubh Muhurat 2024 (चोपड़ा पूजा शुभ मुहूर्त 2024)

चोपड़ा पूजा कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि पर मनाई जाती है। इस साल चोपड़ा पूजा 1 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा का चौघड़िया शुभ मुहूर्त।

प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत)-06:33 ए एम से 10:42 ए एम

अपराह्न मुहूर्त (चर) - 04:13 पी एम से 05:36 पी एम

अपराह्न मुहूर्त (शुभ)- 12:04 पी एम से 01:27 पी एम

Diwali Chopada Puja Vidhi (चोपड़ा पूजा विधि)

  • चोपड़ा पूजा के दिन सुबह स्नान के बाद सारे बही खाते को बाहर निकाल लें।
  • उसके बाद सारे बही खातों और किताबों को साफ कर लें।
  • फिर किताब पर हल्दी और कुमकुम लगाएं।
  • इस दिन माता लक्ष्मी और गणेश जी पूजा करें।
  • किताब को भगवान के सामने रखें और प्रार्थना करें।

चोपड़ा पूजन महत्व (Chopada Pujan Mahatav)

चोपड़ा पूजा का शास्त्रों में बहुत ही खास महत्व है। ये पूजा दीवाली के दिन की जाती है। चोपड़ा पूजा गुजरात में खासतौर पर मनाया जाता है। इस दिन बही खाते की पूजा की जाती है। चोपड़ा पूजा बिजनेस करने वाले लोग करते हैं। ऐसी मान्यता है कि दीवाली के दिन चोपड़ा पूजा करने से व्यवसाय करने वाले लोगों के कारोबार में तरक्की होती है। इस दिन अपने बही खातों को भगवान लक्ष्मी और गणेश के सामने रखना चाहिए।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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