अध्यात्म

12 अगस्त को कौन सी तीज है? जानें कजरी तीज और हरतालिका तीज में क्या है अंतर

Difference Between Kajari Teej And Hartalika Teej (कजरी तीज और हरतालिका तीज में क्या अंतर है?): कजरी तीज और हरतालिका तीज दोनों ही व्रत सुहागिन महिलाएं रखती हैं। वैसे कजरी तीज, भाद्रपक्ष के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है वहीं हरतालिका तीज को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया पर मनाया जाता है। यहां से आप इन दोनों ही तीज के बीच का अंतर जान सकते हैं।

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कजरी तीज और हरतालिका तीज में क्या अंतर है? (photo source: canva)

Difference Between Kajari Teej And Hartalika Teej (कजरी तीज और हरतालिका तीज में क्या अंतर है?): हिंदू धर्म में तीन तरह की तीज मनाई जाती है, हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज। हरियाली तीज तो सावन में आती है लेकिन कजरी तीज और हरतालिका तीज दोनों ही भाद्रपद में मनाया जाता है। अब इन दोनों में क्या अंतर है, ये आप यहां से समझें। साथ ही जानें की कल यानी 12 अगस्त को कौन सी तीज है।

12 अगस्त को कौन सी तीज है?

12 अगस्त 2025, दिन मंगलवार को कजरी तीज है। चूंकि ये भाद्रपक्ष के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है तो इस साल भाद्रपक्ष के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 11 अगस्त की सुबह 10.33 बजे होगा और ये 12 अगस्त की सुबह 08.40 बजे समाप्त होने वाला है। अब उदया तिथि के अनुसार ही व्रत माना जाता है इसलिए कजरी तीज को 12 अगस्त के दिन मनाया जाएगा।

कजरी तीज 2025

कजरी तीज को कजली तीज, बूढ़ी तीज और सातुड़ी तीज भी कहते हैं। कुछ इलाकों में इसे नीमड़ी तीज भी कहते हैं। ये आमतौर से राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मनाई जाती है। कजरी तीज के दिन सुहागिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस त्योहार के दिन सत्तू से बनी चीजों को एक दूसरे को बांटा जाता है। ये व्रत अखंड सौभाग्य के लिए किया जाता है।

हरतालिका तीज 2025

हरतालिका तीज को कई जगहों पर बड़ी तीज कहते हैं। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। हरतालिका तीज का व्रत निर्जला रखा जाता है और अगले दिन ही पारण होता है। इस साल हरतालिका तीज 26 अगस्त के दिन है।

कजरी तीज और हरतालिका तीज में क्या अंतर है?

कजरी तीज और हरतालिका तीज, दोनों ही महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार हैं जो महिलाओं द्वारा मनाए जाते हैं, लेकिन वे अलग-अलग महीनों में मनाए जाते हैं और कुछ रीति-रिवाजों में भिन्न होते हैं।कजरी तीज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है, जबकि हरतालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। हरतालिका तीज में निर्जला व्रत रखा जाता है जबकि कजरी तीज में जल का सेवन कर सकते हैं। कजरी तीज में कजरी गीत गाए जाते हैं और व्रत तोड़ने से पहले गाय को रोटियां खिलाई जाती हैं, जबकि हरतालिका तीज में कठोर व्रत का पालन किया जाता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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