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Dhanteras 2025 Shopping Muhurat Time Today: कितने बजे तक कर सकते हैं धनतेरस की खरीदारी? जानें धनतेरस शॉपिंग के 3 शुभ मुहूर्त

Dhanteras 2025 Shopping Muhurat Time Today, (धनत्रयोदशी पर शॉपिंग किस समय करें): धनतेरस के दिन सोना-चांदी के अलावा बर्तन, झाड़ू, नमक, लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा समेत कई चीजें खरीदी जाती है। लेकिन इन सभी चीजों को खरीदने का अपने समय होता है। यहां से आप धनतेरस के दिन शॉपिंग का टाइम जान सकते हैं।

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धनतेरस 2025 खरीदारी का समय (pic credit: iStock)

Dhanteras 2025 Shopping Muhurat Time Today (धनत्रयोदशी पर शॉपिंग किस समय करें): आज धनतेरस का शुभ दिन है और आज के दिन आर्थिक रूप से संपन्न होने के लिए लोग माता लक्ष्मी, कुबेर देवता और भगवान धन्वन्तरि की पूजा करते हैं। इस दिन सोना-चांदी, झाड़ू, नमक, बर्तन और गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति खरीदी जाती है। हालांकि, धनतेरस पर हर चीज एक शुभ समय पर ही खरीदा जाता है, जिससे इसका लाभ भी मिले। आप जब आज धनतेरस की शॉपिंग पर निकलें तो सबसे पहले यहां से धनतेरस की खरीदारी का समय जान लें।

धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त 2025

  • सुबह- 8:50 बजे से 10:33 बजे तक
  • दोपहर- 11:43 बजे से 12:28 बजे तक
  • शाम- 7:16 बजे से 8:20 बजे तक

धनतेरस पर झाड़ू खरीदने के बाद कहां रखना है?

धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने के बाद इसे घर के दक्षिण-पूर्व कोने में रखें। यह दिशा मां लक्ष्मी की है। इस झाड़ू को कभी भी खुले में, मेहमानों या घर के सदस्यों की नजरों के सामने न रखें। वहीं, धनतेरस के दिन जो झाड़ू आप खरीदें उसे उसी दिन या रात को उसे इस्तेमाल न करें। माना जाता है कि ऐसा करने से देवी लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। इस झाड़ू को धनतेरस के बाद ही इस्तेमाल करना चाहिए।

धनतेरस पर नमक खरीदने के बाद कहां रखना है?

धनतेरस के दिन खरीदे गए नमक को रसोई में दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना है। इस नमक को कांच या मिट्टी के डिब्बे में रखें और धनतेरस पर लाया गया नमक कुछ मात्रा में झाड़ू या पोछे के पानी में मिलाने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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