Dev Deepawali ke Totke: कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु पर्व और देव दीपावली मनाई जाती है। कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima ke Totke) पर किए गए आपके ये उपाय आपके और आपके परिवार के हर संकट को दूर करने वाला होगा। मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी पुण्य कार्य और दान साल भर गंगा सेवन के बराबर फल देता है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व होता है। दीपावली के 15 दिन बाद और देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi) के चार दिन बाद देव दीपावली का पर्व आता है। इस दिन को गुरु पूर्णिमा, त्रिपुरी पूर्णिमा और कार्तिक स्नान के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन आप जहां भी हो वहां दीप दान करना बहुत ही पुण्य का काम माना जाता है। स्नान, ध्यान, दान के साथ इस दिन कुछ विशेष उपाय सुख-शांति और धन प्राप्ति के लिए जरूर करने चाहिए। आपको इस दिन क्या क्या करना चाहिए, वो हम आपको विस्तार से इस लेख में बताने जा रहे हैं।
कार्तिक पूर्णिमा के टोटके
- कार्तिक पूर्णिमा के दिन गरीबों को उड़द की दाल और चावल का दान करना बहुत फलदायी होता है। ऐसा करने से आपके घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती है और हर संकट से घर बचा रहता है।
- कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने का बहुत पुण्य मिलता है। यदि आप हाथ में कुश लेकर स्नान करेंगे तो इससे भगवान विष्णु और शिव जी दोनों ही प्रसन्न होंगे।
- कार्तिक पूर्णिमा की शाम को तुलसी के सामने घी का दीपक जरूर जलाए। ऐसा करने से घर में समृद्धि का वास होगा और नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होगी।
- कार्तिक पूर्णिमा के दिन 11 कौड़ियां लें और इन कौड़ियों पर हल्दी लगा कर उसे ऐसे स्थान पर रखें जहां आप अपना पैसा रखते हैं। मां लक्ष्मी को स्थायित्व देने का ये उपाय आपके घर मं कभी धन की कमी नहीं होने देगा।
- देव दीपावली के दिन शनि भगवान की पूजा जरूर करें। इस दिन शनि मंदिर में जा कर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करके आप अपने जीवन की बहुत सी समस्याओं का निराकरण कर लेंगे।
- कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों से तोरण बनाएं। आम के पत्तो से बना तोरण या वंदनवार घर में नकारात्मक ऊर्जा को आने से रोकती है।
7 नवंबर को ही मनाई जाएगी देव दीपावली (Dev Deepawali Date)
8 नवंबर को चंद्र ग्रहण के कारण इस बार 7 नवंबर को ही काशी में देव दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। काशी की देव दीपावली पूरी दुनिया में विख्यात है। कार्तिक माह की पूर्णिमा को मनाये जाने वाले इस महा उत्सव के दौरान बनारस के सभी घाटों को लाखों दीयों से रौशन किया जाता है।
