अध्यात्म

Dasha Mata Puja Muhurat 2025: दशा माता की पूजा कैसे करें, यहां जानिए स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि और शुभ मुहूर्त

Dasha Mata Vrat 2025: दशामाता का व्रत हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को रखा जाता है। इस दिन महिलाएं अपने घर की दिशा सुधारने के लिए व्रत करती हैं। जानिए इस साल ये पर्व कब मनाया जाएगा।

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Dasha Mata Vrat 2025

Dasha Mata Puja Muhurat 2025: सनातन धर्म में दशामाता की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। ये व्रत महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि के लिए करती हैं। कहते हैं इस व्रत को करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं गले में एक खास तरह का डोरा पहनती हैं। जिससे उनके घर-परिवार में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहे। इस दिन कई जगहों पर झाड़ू खरीदने की भी परंपरा होती है। चलिए जानते हैं इस साल दशा माता की पूजा कब की जाएगी।

दशा माता पूजा मुहूर्त 2025 (Dasha Mata 2025 Date And Time)

  • 06:20 AM से 07:52 AM
  • 09:24 AM से 10:56 AM
  • 12:03 PM से 12:52 PM
  • 15:31 PM से 05:03 PM
  • 05:03 PM से 06:35 PM

दशा माता पूजा विधि (Dasha Mata Puja Vidhi)

इस दिन सौभाग्यवती महिलाएं कच्चे सूत का 10 तार का डोरा बनाकर उसमें 10 गांठ लगाती हैं । फिर उसे हल्दी से रंगती हैं। इसके बाद पीपल वृक्ष की प्रदक्षिणा करते उसकी पूजा करती हैं। पूजा के बाद वृक्ष के नीचे बैठकर ही नल-दमयंती की कथा सुन जाती है। इसके बाद महिलाएं अपने परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए डोरा गले में बांध लेती हैं। पूजा संपन्न करने के बाद महिलाएं घर आकर द्वार के दोनों तरफ हल्दी कुमकुम के छापे लगाती हैं। इस दिन के व्रत में नमक का सेवन नहीं किया जाता है।

दशामाता व्रत के लाभ (Dasha Mata Vrat Beneftis)

ये व्रत महिलाएं घर की खराब दशा सुधारने के लिए करती हैं। कहते हैं इस व्रत को करने से धन संबंधी दिक्कतें दूर हो जाती हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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