अध्यात्म

Child Care: बच्चे के शर्मिले व्यवहार से हैं परेशान, तो देख लें कहीं ये ग्रह तो नहीं है कारण

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 24, 2023, 01:28 PM IST

Child Care Tips: कुछ बच्चों का व्यवहार होता है अत्याधिक शर्मिला। अपनी बात रखते में झिझकते हैं शर्मिले बच्चे। बच्चों का व्यवहार रुकावट बनता है उनकी तरक्की में। इसलिए यहां विशेषज्ञों द्वारा बताये गए कुछ महत्वपूर्ण उपायों के बारे में जानकारी साझा करेंगे, जिससे बच्चे के शर्मिले व्यवहार के कारण आ रही रुकावटों को दूर करने में मदद मिल सके।

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Child Care: बच्चे के शर्मिले व्यवहार से हैं परेशान, तो देख लें कहीं ये ग्रह तो नहीं है कारण

KEY HIGHLIGHTS
  • मुख्य ग्रह कमजोर होने पर बच्चे होते हैं शर्मिले
  • बच्चे को उसके व्यहार को लेकर ताना न मारें
  • बच्चों को दूसरों से बात करने को करें प्रेरित

Child Care Tips: चंचलता बच्चों का स्वभाविक गुण होती है लेकिन कुछ बच्चे होते हैं जो किसी के भी सामने अपनी बात तो रखना दूर बल्कि सहमे हुए से लगते हैं। न किसी के सामने बात करते हैं और न ही किसी अन्य तरह का व्यवहार ही करते हैं। उनका ये स्वभाव जीवन की तरक्की में बहुत बड़ा रोड़ा बनता है। यदि इस तरह का व्यवहार आपके बच्चे का भी या किसी परिचित बच्चे का है तो इन उपायों को अपनाकर आप बच्चे के व्यवहार में परिवर्तन ला सकते हैं।

बच्चों का शर्मिला होना

  • यदि बच्चे का मुख्य ग्रह कमजोर है, मुख्य ग्रह अंतिम या प्रारंभिक राशि में है या बुरे ग्रह के साथ है तो बच्चा शर्मिला होगा।
  • इस तरह के बच्चों की अभिव्यक्ति कमजोर होगी।
  • यदि बच्चे का चंद्रमा ज्यादा कमजोर है, शत्रु राशि में है, कम अंश का है, नीच का है तो बच्चा झिझकेगा।
  • इस स्थिति में भी उसकी अभिव्यक्ति कमजोर होगी।
  • इससे बच्चे की सफलता रुक जाती है।
  • बच्चा पिछड़ जाता है।
  • बच्चा अकेला रहने लगता है।
  • हीन भावना का शिकार हो जाता है।
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बच्चे का शर्मिलापन दूर करने के उपाय

  • बच्चे की परवरिश करते समय सतर्क रहें।
  • बुध की उंगली बड़ी हो, चंद्र पर्वत दबा हो तो बच्चे को ताना न मारें।
  • बच्चे को दूसरे से बात करने के लिए प्रेरित करें।
  • प्रतिदिन एक नए व्यक्ति से बात करवाएं, नमस्ते करवाएं।
  • बच्चे को मुख्य ग्रह की जड़ या रत्न पहनाएं।
  • माता− पिता बच्चे को समय ना दे पाएं तो बच्चे की भावनाओं का खास ख्याल रखें।
  • अगर बच्चे का सूर्य कमजोर है तो बृहस्पति और चंद्रमा को मजबूत करें।
  • सूर्य की बचाय चंद्रमा और बृहस्पति से तरक्की मिलती है।
  • सूर्य कमजोर हो पर बृहस्पति मजबूत हो तो उतनी ही तरक्की मिलेगी। पद प्रतिष्ठा पर विशेष असर नहीं पड़ेगा।
  • जो पिता नशा करता है उसके बच्चे मेधावी नहीं होते।
बच्चे का व्यवहार ग्रह नक्षत्रों के साथ ही उसके साथ होने वाले व्यवहार पर भी निर्भर करता है। इसलिए कभी भी बच्चे को उसके व्यवहार या दिमाग को लेकर ताना न मारे। सदैव की प्रोत्साहित करें। बच्चे का व्यवहार उनके हमउम्र बच्चों के साथ खुलता है लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि बच्चे की तुलना किसी अन्य बच्चे से कदापि न करें।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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