Child Care Tips: चंचलता बच्चों का स्वभाविक गुण होती है लेकिन कुछ बच्चे होते हैं जो किसी के भी सामने अपनी बात तो रखना दूर बल्कि सहमे हुए से लगते हैं। न किसी के सामने बात करते हैं और न ही किसी अन्य तरह का व्यवहार ही करते हैं। उनका ये स्वभाव जीवन की तरक्की में बहुत बड़ा रोड़ा बनता है। यदि इस तरह का व्यवहार आपके बच्चे का भी या किसी परिचित बच्चे का है तो इन उपायों को अपनाकर आप बच्चे के व्यवहार में परिवर्तन ला सकते हैं।
बच्चों का शर्मिला होना
- यदि बच्चे का मुख्य ग्रह कमजोर है, मुख्य ग्रह अंतिम या प्रारंभिक राशि में है या बुरे ग्रह के साथ है तो बच्चा शर्मिला होगा।
- इस तरह के बच्चों की अभिव्यक्ति कमजोर होगी।
- यदि बच्चे का चंद्रमा ज्यादा कमजोर है, शत्रु राशि में है, कम अंश का है, नीच का है तो बच्चा झिझकेगा।
- इस स्थिति में भी उसकी अभिव्यक्ति कमजोर होगी।
- इससे बच्चे की सफलता रुक जाती है।
- बच्चा पिछड़ जाता है।
- बच्चा अकेला रहने लगता है।
- हीन भावना का शिकार हो जाता है।
बच्चे का शर्मिलापन दूर करने के उपाय
- बच्चे की परवरिश करते समय सतर्क रहें।
- बुध की उंगली बड़ी हो, चंद्र पर्वत दबा हो तो बच्चे को ताना न मारें।
- बच्चे को दूसरे से बात करने के लिए प्रेरित करें।
- प्रतिदिन एक नए व्यक्ति से बात करवाएं, नमस्ते करवाएं।
- बच्चे को मुख्य ग्रह की जड़ या रत्न पहनाएं।
- माता− पिता बच्चे को समय ना दे पाएं तो बच्चे की भावनाओं का खास ख्याल रखें।
- अगर बच्चे का सूर्य कमजोर है तो बृहस्पति और चंद्रमा को मजबूत करें।
- सूर्य की बचाय चंद्रमा और बृहस्पति से तरक्की मिलती है।
- सूर्य कमजोर हो पर बृहस्पति मजबूत हो तो उतनी ही तरक्की मिलेगी। पद प्रतिष्ठा पर विशेष असर नहीं पड़ेगा।
- जो पिता नशा करता है उसके बच्चे मेधावी नहीं होते।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
