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Chhath Puja Samagri List: छठ पूजा में क्या-क्या सामान लगेगा, यहां चेक करें छठी मैया की पूजा सामग्री

Chhath Puja Samagri List: इस साल छठ महापर्व की शुरुआत 5 नवंबर से हो रही है और इसका समापन 8 नवंबर को होगा। इस दौरान श्रद्धालु भगवान सूर्य और छठी मैया की उपासना करती हैं। चलिए आपको बताते हैं छठ पूजा में किन-किन सामग्रियों की जरूरत पड़ेगी।

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Chhath Puja Samagri List pdf

Chhath Puja Samagri List (छठ पूजा सामग्री लिस्ट pdf): छठ पर्व मनाने वाले लोग पूरे साल इस त्योहार का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस पर्व की शुरुआत कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है और समाप्ति कार्तिक सप्तमी के दिन। ये बिहार का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। बिहार के अलावा झारखंड, बंगाल और उत्तर प्रदेश में भी ये त्योहार प्रमुखता से मनाया जाता है। छठ पूजा का पहला दिन नहाय-खाय, दूसरा दिन खरना, तीसरा दिन छठ पूजा और चौथा दिन संध्या अर्घ्य का होता है। चलिए आपको बताते हैं छठ पूजा में किन सामग्रियों की जरूरत होती है।

छठ पूजा सामग्री लिस्ट pdf (Chhath Puja Samagri List Pdf)

  • गन्ना
  • कपूर
  • दीपक
  • अगरबत्ती
  • बाती
  • कुमकुम
  • चंदन
  • धूपबत्ती
  • माचिस
  • फूल
  • हरे पान के पत्ते
  • साबुत सुपाड़ी
  • शहद
  • हल्दी
  • मूली
  • पानी वाला नारियल
  • अक्षत
  • अदरक का हरा पौधा
  • बड़ा वाला मीठा नींबू
  • शरीफा
  • केला और नाशपाती
  • शकरकंदी
  • सुथनी
  • मिठाई
  • पीला सिंदूर
  • दीपक
  • घी
  • गुड़
  • गेंहू
  • चावल का आटा

छठ की पूजा विधि व सामग्री (Chhath Ki Puja Vidhi And Samagri)

-छठ पूजा के लिए दो बड़े बांस की टोकरी लें, जिन्हें पथिया और सूप के नाम से जाना जाता है।

-इसके साथ ही डगरी, पोनिया, ढाकन, कलश, पुखार, सरवा भी जरूर रख लें।

-बांस की टोकरी में भगवान सूर्य देव को अर्पित करने वाला भोग रखा जाता है। जिनमें ठेकुआ, मखान, अक्षत, भुसवा, सुपारी, अंकुरी, गन्ना आदि चीजें शामिल हैं।

-इसके अलावा टोकरी में पांच प्रकार के फल जैसे शरीफा, नारियल, केला, नाशपाती और डाभ (बड़ा वाला नींबू) रखा जाता है।

-इसके साथ ही टोकरी में पंचमेर यानी पांच रंग की मिठाई रखी जाती है। जिन टोकरी में आप छठ पूजा के लिए प्रसाद रखा रहे हैं उन पर सिंदूर और पिठार जरूर लगा लें।

-छठ के पहले दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है जिसे संध्या अर्घ्य के नाम से जाना जाता है।

-इस दिन भगवान सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए बांस या पीतल की टोकरी या सूप का उपयोग करना चाहिए।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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