Chaurchan 2023 Puja Mantra: बिहार के मिथिलांचल में चौरचन के पर्व का बहुत महत्व है। इस बार ये व्रत 18 सितंबर 2023 को सोमवार के दिन रखा जाएगा। इस व्रत के चांद की पूजा की जाती है। इसमें शाम के चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। इस त्योहार में दही का विशेष महत्व है। इस व्रत के दिन पूरे दिन महिलाएं व्रत रखकर बहुत से पकवान बनाती हैं और शाम के समय चांद की पूजा करती हैं। इस दिन चांद को खाली हाथ नहीं देखना चाहिए। इस दिन शाम के समय हाथों में दही या फल लेकर ही चांद के दर्शन करने चाहिए। आइए जानते हैं चरचौन के दिन पूजा के समय किन मंत्रों का जाप करने से शुभ फल मिलता है।
चरचौन पूजा मंत्र(Chaurchan Puja Mantra)
चन्द्रमा प्रणाम मंत्र
दधि-शंख-तुषाराभं, क्षीरोदार्णव-संभवम्।
नमामि शशिनं भक्त्या, शंभोर्मुकुट भूषणम्।।’
चौरचन पूजा मंत्र
सिंह: प्रसेनवमवधीत सिंहो जाम्बवताहत: । सुकुमारक मारो दीपस्तेह्राषव स्यमन्तक: ।
चौरचन के दिन शाम में पूजा के समय इन दोनों मंत्रो का कम से कम तीन बार जाप करना चाहिए। इन मंत्रों के जाप करने के बाद ही चरचौन की पूजा पूरी मानी जाती है। इस दिन चंद्रमा के मंत्रों का भी जाप करना शुभ माना जाता है। इन मंत्रों के जाप से पूजा सफल होती है और साधक की सारी इच्छा पूरी होती है।
चौरचन पूजा सामग्री
दही
बांस डलिया
फूल
पान का पत्ता
लाल कागज
लाल धाग
मिठाई
तुलसी दल
