अध्यात्म

Chandra Grahan 2024 Do's and Don'ts: साल के पहले चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या ना करें, यहां जानिए सबकुछ

Chandra Grahan (Lunar Eclipse) 2024 Do's and Don'ts: 25 मार्च को होली वाले दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यहां जानिए चंद्र ग्रहण के समय क्या नहीं करना चाहिए और क्या करना चाहिए।

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Lunar Eclipse 2024 Do's and Don'ts

Chandra Grahan (Lunar Eclipse) 2024 Do's and Don'ts: साल का पहला ग्रहण एक चंद्र ग्रहण होगा जो 25 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने जा रहा है। इस दिन होली का त्योहार भी रहेगा। धार्मिक मान्यताओं अनुसार ग्रहण लगना बेहद अशुभ माना जाता है। इसलिए इस दौरान कई तरह के कार्यों को करने पर रोक लग जाती है। ग्रहण के समय विशेष तौर पर गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। यहां जानिए साल के पहले चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें।

चंद्रग्रहण के दौरान क्या ना करें (Chandra Grahan Me Kya Nahi Karna Chahiye)

  • चंद्र ग्रहण के समय कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
  • इस दौरान भोजन बनाने और भोजन खाने से भी बचना चाहिए।
  • चंद्र ग्रहण की दौरान शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए।
  • चंद्र ग्रहण की अवधि में मूर्ति पूजा नहीं करनी चाहिए और न ही भगवान की प्रतिमा को स्पर्श करना चाहिए।
  • चंद्र ग्रहण के समय किसी मंदिर में भी प्रवेश नहीं करना चाहिए।
  • ग्रहण काल की अवधि में बाल और नाखून काटना, कपड़े सिलना और बुनना आदि गतिविधियों से भी बचना चाहिए।
  • ग्रहण के समय सोना भी नहीं चाहिए।
  • ग्रहण को नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए।

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें (Chandra Grahan Me Kya Kare)

  • चंद्र ग्रहण से पहले ही दूध, दही, चटनी, आचार, घी, मुरब्बा जैसे भोजन सामग्री में कुशा या तुलसीदल डाल दें।
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय अपने उदर पर दाय के गोबर का लेप लगा लेना चाहिए।
  • ग्रहण के समय मंत्रों का जाप करना चाहिए।
  • इस दौरान दान करना भी शुभ माना जाता है।
  • ग्रहण काल में श्राद्ध कर सकते हैं।
  • यदि आप किसी मंत्र को सिद्ध करना चाहते हैं तो ये कार्य ग्रहण काल में कर सकते हैं।
  • यदि घर में कोई व्यक्ति बीमार है तो ग्रहण काल में महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जाप करना चाहिए।

चंद्रग्रहण के दौरान इन मंत्रों का करें जाप (Chandra Grahan Mantras)

विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत।

दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्

श्लोक अर्थ - सिंहिकानन्दन (सिंहिका के पुत्र), अच्युत! हे विधुन्तुद, नाग के इस दान से ग्रहण से होने वाले भय से मेरी रक्षा कीजिए।

तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन।

हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव

श्लोक अर्थ - अन्धकाररूप महाभीम चन्द्रमा और सूर्य का मर्दन करने वाले राहु! सुवर्ण तारा के दान से मुझे शान्ति प्रदान कीजिए।

कहते हैं चंद्र ग्रहण के समय इन मंत्रों का जार करने से ग्रहण का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता।

TNN Spirituality Desk
TNN अध्यात्म डेस्क author

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