Chandra Grahan 2026 Timing Today In Rajasthan: चंद्र ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि इसे आध्यात्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह वह समय है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और चाँद पर पृथ्वी की छाया पड़ती है। पुराणों के अनुसार ग्रहण का समय विशेष प्रकार की ऊर्जा से भरपूर होता है। 3 मार्च 2026 यानी आज के दिन चंद्र ग्रहण लग चुका है। ग्रहण के दौरान सावधानियां बरतना जरूरी है। यहां से आप जान सकते हैं कि राजस्थान और राजस्थान के अलग-अलग शहरों में आज चंद्र ग्रहण कब और कितने बजे लग रहा है। साथ ही यहां बताया है कि राजस्थान के शहरों में ग्रहण कब दिखेगा।
Rajasthan Me Chandra Grahan Kab Lagega 2026 (राजस्थान में आज चंद्र ग्रहण कितने बजे दिखेगा)-
| शहर का नाम | चंद्र ग्रहण कब से कब तक रहेगा | चंद्र ग्रहण कितने बजे दिखेगा |
| जयपुर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:25 PM – 6:46 PM |
| जोधपुर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:20 PM – 6:46 PM |
| कोटा | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:25 PM – 6:46 PM |
| उदयपुर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:23 PM – 6:46 PM |
| बीकानेर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:22 PM – 6:46 PM |
| अजमेर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:24 PM – 6:46 PM |
| भीलवाड़ा | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:25 PM – 6:46 PM |
| अलवर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:26 PM – 6:46 PM |
| सीकर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:23 PM – 6:46 PM |
| भिवाड़ी | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:25 PM – 6:46 PM |
| भरतपुर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:24 PM – 6:46 PM |
चंद्र ग्रहण में खाना खाना चाहिए कि नहीं?
पारंपरिक हिंदू मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान खाना नहीं खाना चाहिए। इसे अशुभ समय माना जाता है, इसलिए ग्रहण शुरू होने से पहले ही भोजन तैयार कर लेना और ग्रहण के दौरान कोई ताज़ा खाना या पकाना वर्जित होता है। ग्रहण के समय भोजन न करने के पीछे धार्मिक कारण यह है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है। कुछ लोग इस दौरान केवल तुलसी के पत्ते या पानी का सेवन करते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके घर में ताजा और स्वच्छ भोजन बनाना शुभ माना जाता है।
चंद्र ग्रहण में नहाना चाहिए या नहीं?
चंद्र ग्रहण के समय पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार नहाना नहीं करना चाहिए। इसे अशुभ समय माना जाता है, इसलिए ग्रहण शुरू होने से पहले स्नान कर लेना और ग्रहण के दौरान पानी में न जाना शुभ माना जाता है। ग्रहण के खत्म होने के बाद ही स्नान करना उचित माना जाता है।
चंद्र ग्रहण में दीपक जलाना चाहिए या नहीं?
हां, चंद्र ग्रहण के समय दीपक जलाना शुभ माना जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार ग्रहण के दौरान घर में दीपक या लाल रंग का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इसे अक्सर भगवान विष्णु या देवी-देवताओं की पूजा के साथ किया जाता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह केवल एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, दीपक जलाना घर और मन को शुद्ध रखने का एक धार्मिक और मानसिक उपाय माना जाता है।
चंद्र ग्रहण में क्या दान करना चाहिए?
चंद्र ग्रहण के समय दान करना बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि इसे पुण्यकारी और वातावरण को सकारात्मक बनाने वाला समय समझा जाता है। इस दौरान गरीबों और जरूरतमंदों को अनाज, चावल, दाल, गेहूं, गुड़, कपड़े, कंबल या धन देना शुभ माना जाता है। दान करते समय श्रद्धा और भक्ति भाव होना जरूरी है, न कि दिखावे के लिए। ऐसा करने से माना जाता है कि पाप कम होते हैं, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में शांति, सुख और समृद्धि आती है।
