Chaitra Purnima Mantra: चैत्र पूर्णिमा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि खुद को अंदर से मजबूत और शांत बनाने का मौका है। इस दिन अगर आप सच्चे मन से मंत्र जाप करते हैं, तो आपको मानसिक सुकून और सकारात्मक ऊर्जा दोनों मिलती है। इस वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा दो दिनों तक रहने वाली है। ऐसी स्थिति में परंपरा के अनुसार व्रत पहले दिन रखा जाता है। इस बार 1 अप्रैल 2026 के दिन ही चैत्र पूर्णिमा का व्रत किया जाएगा। इसके अलावा 2 अप्रैल को उदया तिथि में स्नान और दान करना शुभ रहेगा। अगर आप भी इस पावन दिन पर कुछ खास करना चाहते हैं, तो यहां कुछ ऐसे मंत्र हैं जिन्हें आप आसानी से जाप कर सकते हैं और अपने जीवन में सुख-शांति ला सकते हैं।
गायत्री मंत्र
ॐ भूर् भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्॥
गायत्री मंत्र को सबसे शक्तिशाली मंत्रों में से एक माना जाता है। इसका जाप करने से बुद्धि तेज होती है और मन शांत रहता है। चैत्र पूर्णिमा के दिन इसका जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित है। इसका जाप करने से भय, बीमारी और नकारात्मकता दूर होती है। यह मानसिक और शारीरिक शक्ति बढ़ाने में मदद करता है।
विष्णु मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
यह मंत्र भगवान विष्णु का है और इसे बहुत सरल और प्रभावी माना जाता है। इसका नियमित जाप करने से जीवन में शांति और स्थिरता आती है।
चंद्र मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
चैत्र पूर्णिमा चंद्रमा से जुड़ी होती है, इसलिए इस दिन चंद्र मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है। इससे मन शांत होता है और भावनात्मक संतुलन बना रहता है।
कैसे करें मंत्र जाप?
सुबह स्नान करके साफ स्थान पर बैठें
दीपक जलाएं और शांत मन से मंत्र जाप करें
कम से कम 108 बार जाप करने की कोशिश करें
ध्यान और श्रद्धा सबसे जरूरी है
चैत्र पूर्णिमा पर किए जाने वाले शुभ कार्य
चैत्र पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। कहते हैं इससे पुण्य फल प्राप्त होता है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए और पूरे दिन व्रत रखना चाहिए। सुबह या शाम में भगवान सत्यनारायण की कथा सुननी चाहिए। इस दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने का विशेष महत्व माना जाता है। इसके अलावा घर के मुख्य द्वार पर भी दीप जलाना चाहिए। शाम के समय एक दीपक तुलसी के पौधे के पास जलाना चाहिए। इस दिन अन्न या वस्त्र का दान जरूर करें।
