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Chaiti Chhath Puja 2026: चैती छठ 2026 कब है, यहां से नोट करें नहाय-खाय और संध्या अर्घ्य की सही डेट

  • Authored by: Srishti
  • Updated Mar 14, 2026, 06:52 AM IST

Chaiti Chhath Puja 2026: चैत्र माह में मनाया जाने वाला चैती छठ उत्तर भारत का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और नेपाल के कुछ हिस्सों में बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। चार दिनों तक चलने वाला यह व्रत सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित होता है।

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चैती छठ 2026 कब है (pc: canva)

Chaiti Chhath Puja 2026: हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को चैती छठ का पर्व मनाया जाता है। इस व्रत में श्रद्धालु कठोर नियमों का पालन करते हुए सूर्य देव को संध्या और प्रातःकाल अर्घ्य अर्पित करते हैं। वर्ष 2026 में चैती छठ की तिथियों को लेकर कई लोगों के मन में भ्रम है, इसलिए यहां नहाय-खाय से लेकर उगते सूर्य के अर्घ्य तक की पूरी जानकारी दी जा रही है। यहां से आप आने वाले छठ पूजा का पूरा कैलेंडर देख सकते हैं।

चैती छठ पूजा 2026 की तिथियां

साल 2026 में चैती छठ का पर्व चार दिनों तक इस प्रकार मनाया जाएगा-

  • 22 मार्च 2026, रविवार- नहाय-खाय
  • 23 मार्च 2026, सोमवार- खरना
  • 24 मार्च 2026, मंगलवार- संध्या अर्घ्य (डूबते सूर्य को अर्घ्य)
  • 25 मार्च 2026, बुधवार- उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को अर्घ्य)

चैती छठ पूजा 2026 का मुहूर्त

  • संध्या अर्घ्य (सूर्यास्त) – 24 मार्च 2026, शाम 6:40 बजे
  • उषा अर्घ्य (सूर्योदय) – 25 मार्च 2026, सुबह 5:47 बजे
इसी समय पर व्रती महिलाएं और श्रद्धालु नदी, तालाब या घाट पर खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं।

चैती छठ का महत्व-

चैती छठ का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक माना जाता है। इस पर्व में सूर्य देव की उपासना की जाती है, जिन्हें जीवन, ऊर्जा और स्वास्थ्य का स्रोत माना जाता है। व्रती महिलाएं और पुरुष अपने परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए यह व्रत रखते हैं। मान्यता है कि छठी मैया की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं और परिवार में खुशहाली आती है। यह व्रत शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। चार दिनों तक चलने वाली इस परंपरा में व्रती कठोर नियमों का पालन करते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ सूर्य देव को संध्या और प्रातःकाल अर्घ्य अर्पित करते हैं। यही कारण है कि छठ पर्व को भारतीय संस्कृति के सबसे पवित्र और अनुशासित व्रतों में से एक माना जाता है।

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Srishti
Srishti author

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्... और देखें

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