Surya Grahan 2022 in India Date and Time : ग्रहण में क्या करें और क्या न करें, जानिए सूर्य ग्रहण से जुड़ी सभी अपडेट
Surya Grahan 2022 in India Date and Time, Solar Eclipse 30 April 2022 Timings in India: भारत में साल का पहला सूर्यग्रहण 30 अप्रैल को मध्यरात्रि से 12 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर सुबह 4 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। यह आंशिक सूर्यग्रहण है। चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए इस समय सूतक काल के नियम नहीं लागू किए जाएंगे। सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए।
Surya Grahan (Solar Eclipse) 2022 in India Date and Time: इस साल का पहला सूर्य ग्रहण कल यानी 30 अप्रैल को लगेगा। अपनी धुरी पर घूमते हुए चंद्रमा जब सूर्य और धरती के बीच आता है तो कुछ समय के लिए सूर्य की रोशनी हम तक आने से रुक जाती है। इसी स्थिति को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या पर ही लगता है। चंद्रमा जिस तरीके से सूर्य को ढकता है या उसकी रोशनी रोकता है, उस आधार पर विज्ञान में सूर्य ग्रहण के कुछ प्रकार गिनाए गए हैं। ये सारी जानकारी हम आपको आगे दे रहे हैं। सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए।
सूर्यग्रहण का समय (Surya Grahan 2022 Date and Timings in india)
भारत में साल का पहला सूर्यग्रहण 30 अप्रैल को मध्यरात्रि से 12 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर सुबह 4 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। यह आंशिक सूर्यग्रहण है। चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए इस समय सूतक काल के नियम नहीं लागू किए जाएंगे। साल 2022 का पहला सूर्य ग्रहण सिर्फ दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और अंटार्कटिका में ही दिखेगा।
नंगी आंखों से न देखें सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। क्योंकि, ये आपके रेटिना को जला सकता है।
गर्भवती महिलाएं ना करें यह कार्य
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर ही रहना चाहिए। इसके साथ गर्भवती महिलाओं को सोने से बचना चाहिए। ग्रहण खत्म होने के बाद अशुभ प्रभावों से बचने के लिए गर्भवती महिलाएं स्नान जरूर करें।
नाखून काटना माना गया है वर्जित
ग्रहण के दौरान नाखून काटना, बाल में कंघी करना और दातों की सफाई करना भी अशुभ माना जाता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या ना करें?
1. ऐसा माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के समय भोजन या फिर पानी का सेवन नहीं किया जाता है।
2. इस दौरान चाकू या धारदार चीजों का इस्तेमाल करना भी वर्जित माना गया है।
ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान क्यों करें?
ग्रहण काल के समय आप जो कपड़े पहनते हैं वह अशुद्ध हो जाता है। इसलिए ग्रहण खत्म होते ही स्नान करना जरूरी होता है।
आदित्य हृदय स्त्रोत का करें पाठ
सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देव की उपासना और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान किए गए पाठ या मंत्र का फल कई गुणा बढ़ जाता है।
शनि देव जी की आरती
चार भुजा तहि छाजै,
गदा हस्त प्यारी ।
जय शनिदेव जी ॥
रवि नन्दन गज वन्दन,
यम अग्रज देवा ।
कष्ट न सो नर पाते,
करते तब सेवा ॥
जय शनिदेव जी ॥
तेज अपार तुम्हारा,
स्वामी सहा नहीं जावे ।
तुम से विमुख जगत में,
सुख नहीं पावे ॥
जय शनिदेव जी ॥
नमो नमः रविनन्दन,
सब ग्रह सिरताजा ।
बन्शीधर यश गावे,
रखियो प्रभु लाजा ॥
जय शनिदेव जी ॥
सूर्य ग्रहण पर कब रहेगा सूतक?
सूर्य ग्रहण से ठीक 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। सूतक काल के दौरान शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है। लेकिन इस वर्ष पहले सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक काल नहीं माना जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
सूर्य ग्रहण के दौरान करें इस मंत्र का जाप
ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो: सूर्य: प्रचोदयात
Surya Grahan 2022 Upay: सूतक काल लगते ही स्नान करें
सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। सूतक काल लगते ही स्नान करें। ग्रहण खत्म होने के बाद फिर से स्नान करें। इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव नहीं लगता।
कब लगेगा चंद्र ग्रहण
सूर्य ग्रहण के बाद 16 मई को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। वहीं, आंशिक सूर्य ग्रहण अक्टूबर और आंशिक चंद्र ग्रहण आठ नवंबर को होगा।
Surya Grahan 2022: ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय
इस बार सूर्य ग्रहण के दिन शनिश्चरी अमावस्या भी पड़ रही है। शनि और सूर्य के इस दुर्लभ संयोग में कुछ उपाय करने से लाभ हो सकता है। जो लोग शनि की साढे साती और शनि की ढैय्या से परेशान हैं, वे सूर्य ग्रहण के दिन शनिदेव पर तेल चढ़ाएं।
Surya Grahan 2022: सूर्य ग्रहण पर करें ये खास उपाय
सूर्य ग्रहण धार्मिक दृष्टिकोण से नकारात्मक माना जाता है। लेकिन इस दिन कुछ विशेष उपाय करना भक्तों के लिए लाभदायक है। कहा जा रहा है कि इस दिन प्रीति योग रहेगा। इस दिन शनि जयंती भी है। ऐसे में पवित्र नदी में स्नान करना और दान देना लाभदायक है।
सूर्य ग्रहण के दौराण गर्भवती महिलाएं खाएं ये चीजें
ग्रहण के दौराण प्रेग्नेंट महिलाओं को अपना खास ध्यान रखना चाहिए। अगर ग्रहण लंबा हो तो इस दौराण महिलाएं फलाहार ले सकती हैं। अपनी सेहत का ध्यान रखें, लंबे समय तक भूखा ना रहें।
क्या होता है आंशिक सूर्य ग्रहण?
जब भी सूर्य ग्रहण लगता है तब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है और पृथ्वी पर छाया डालता है। इस घटना की वजह से चंद्रमा सूर्य को पूरे या आंशिक रूप से ढकता है। आंशिक ग्रहण के समय, चंद्रमा सूर्य को सिर्फ थोड़ा ही ढक पाता है।
Surya Grahan 2022: मेष राशि पर पड़ेगा ऐसा प्रभाव
इस वर्ष सूर्य ग्रहण के दिन मेष राशि पर खास प्रभाव पड़ने वाला है। इस दिन मेष राशि के जातकों में आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। इस दिन मेष राशि के जातकों को पारिवारिक सुख मिलेगा और मित्रों का सहयोग बना रहेगा। इस राशि के लोगों का मन अशांत रहेगा लेकिन वाणी में सौम्यता बनी रहेगी।
Surya Grahan 2022: कहां-कहां दिखेगा यह सूर्य ग्रहण?
30 अप्रैल को लगने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक होगा। यह भारत में नहीं नजर आएगा जिसकी वजह से सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। लेकिन दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और अंटार्टिका में लोग इसे देख सकेंगे।
Surya Grahan 2022 Time: क्या है सूर्य ग्रहण का समय
वर्ष 2022 में सूर्य 30 अप्रैल को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण है। सूर्य ग्रहण का समय 30 अप्रैल की रात 12:15 से सुबह 04:07 तक है।
कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण कल यानी 30 अप्रैल को लग रहा है। सूर्य ग्रहण देखते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सूर्य ग्रहण को दूरबीन या चश्मे से ही देखना चाहिए।
सूर्य ग्रहण से जुड़ी इन बातों का भी रखें खास ख्याल
सूर्य ग्रहण के सूतक का समय खत्म होने के बाद स्नान करके ही देवी-देवताओं की मूर्ति को गंगाजल से स्नान कराकर उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए। ग्रहण काल में अपने इष्ट देवता, मंत्र, गुरु मंत्र, गायत्री मंत्र आदि का जाप दीपक जला करना शुभ माना जाता हैं। ध्यान दें कि ग्रहण के सूतक के नियमों का पालन करना गर्भवती महिलाओं, रोगी, बालकों और वृद्धों के लिए नहीं होता हैं।
सूतक काल नहीं होगा मान्य
साल का पहला सूर्य ग्रहण आंशिक ग्रहण होगा और यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इस दिन शनिश्चरी अमावस्या भी पड़ रही है। सूतक काल मान्य नहीं होने के कारण धार्मिक गतिविधियों पर कोई मनाही नहीं होगी।
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं करें इन नियमों का पालन
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कई बातों का खास ख्याल रखना चाहिए-
- गर्भवती महिलाएं सूर्य ग्रहण को नंगी या खुले आंखों से ना देखें। ग्रहण में सूर्य की किरणें सामान्य से अधिक तीक्ष्ण होती है। इससे आंखों को नुकसान पहुंच सकता है और गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी इसका असर पड़ सकता है।
-ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाएं घर से बाहर ना निकलें। क्योंकि ग्रहण की छाया से गर्भ में पल रहे बच्चे की त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है।
- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं नुकीली या तेजधार वाली चीजें जैसे चाकू, छुरी, कैंची, पिन और सुई का इस्तेमाल न करें। इनके प्रयोग से बच्चे के शरीर में विकृति हो सकती है।
- वैसे तो कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान कुछ खाना-पीना भी नहीं चाहिए। लेकिन ग्रहण की अवधि यदि लंबी है तो प्रेग्नेंट महिला के लिए भूखे रहना नुकसानदेह हो सकता है और इससे निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) का खतरा भी हो सकता है। इसलिए ग्रहण के दौरान फलाहार का सेवन कर सकते हैं। लेकिन ज्यादा भारी भोजन इस दौरान न करें।
-ग्रहण के समाप्त होने के बाद गर्भवती महिला को स्नान जरूर करना चाहिए। इससे ग्रहण की दूषित तरंगों का असर नहीं पड़ता।
ग्रहण के बाद करें ये काम
ग्रहण काल के समय आप जो कपड़े पहनते हैं वह अशुद्ध हो जाता है। इसलिए ग्रहण खत्म होते ही स्नान करना जरूरी होता है।
करें नवग्रह मंत्र का जाप
सूर्य ग्रहण के दौरान नवग्रह मंत्र का जाप करना उपयोगी होता है। रुद्राक्ष की माला से 108 बार इस मंत्र का जाप करने से ग्रहों का प्रभाव कम होता है।
सूर्य देव की उपासना से होगा लाभ
सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देव की उपासना और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान किए गए पाठ या मंत्र का फल कई गुणा बढ़ जाता है।
शनि की साढे साती से परेशान लोग करें ये उपाय
इस बार सूर्य ग्रहण के दिन शनिश्चरी अमावस्या भी पड़ रही है। शनि और सूर्य के इस दुर्लभ संयोग में कुछ उपाय करने से लाभ हो सकता है। जो लोग शनि की साढे साती और शनि की ढैय्या से परेशान हैं, वे सूर्य ग्रहण के दिन शनिदेव पर तेल चढ़ाएं।
कब है सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल की रात 1 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर सुबह 1 मई को 4 बजकर 7 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। यह आंशिक सूर्यग्रहण है। चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए इस समय सूतक काल के नियम नहीं लागू किए जाएंगे।
16 मई को होगा चंद्र ग्रहण
सूर्य ग्रहण के बाद 16 मई को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। वहीं, आंशिक सूर्य ग्रहण अक्टूबर और आंशिक चंद्र ग्रहण आठ नवंबर को होगा।
सूर्य ग्रहण के बाद करें इस मंत्र का जाप
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते,
अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:
ग्रहण खत्म होने के बाद जरूरतमंदों को दान अवश्य दें इससे ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान करें इस मंत्र का जाप
विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत
दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥
इसके साथ भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना भी लाभदायक है।
देवतागण भी संकट में होते हैं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान मनुष्य ही नहीं बल्कि देवतागण भी संकट में होते हैं।
क्या होता है वलयाकार सूर्य ग्रहण
वलयाकार सूर्य ग्रहण में चंद्रमा, सूरज और धरती के बीच में आता है लेकिन दूरी बहुत अधिक होती है और इसकी वजह से सूर्य का मध्य भाग ही ढक पाता है। ऐसे में सूरज वलयाकार नजर आता है।
ये होता है आंशिक सूर्य ग्रहण
आंशिक सूर्य ग्रहण में चंद्रमा, सूरज और पृथ्वी के बीच में इस तरह से आए कि सूर्य का कुछ ही भाग धरती से ना दिखाई दे। यानी कि चांद की कुछ छाया ही सूरज पर पड़ता है।
तीन तरह के होते हैं सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण तीन तरह का होता है, पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण, दूसरा आंशिक और तीसरा वलयाकार ग्रहण। पूर्ण सूर्य ग्रहण में चांद और धरती के बीच की दूरी कम होती है और उस सूरत में जब चंद्रमा धरती और सूरज के बीच में आता है तो सूर्य की रोशनी पूरी तरह से पृथ्वी पर नहीं आती है।
इन राशि के जातकों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव
कन्या, तुला, वृश्चिक, मकर और कुंभ राशि वाले जातकों पर सूर्य ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इन राशिवालों को कई कठिनाई का भी सामना करना पड़ सकता है। इन राशि के जातक इस दौरान विशेष सावधानी बरतें।
धनु राशिवालों पर पड़ेगा प्रभाव
धनु राशि वाले जातकों के लिए भी सूर्य ग्रहण का शुभ प्रभाव पड़ेगा। आपके रुके और अधूरे कार्य पूरे होंगे। आर्थिक पक्ष में मजबूती आएगी और रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
तुला राशि पर प्रभाव
तुला राशि के जातकों के लिए भी सूर्य ग्रहण का प्रभाव बेहद शुभ होगा। तुला राशि वालों के लिए रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सूर्य ग्रहण का समय निवेश करने के लिए बेहतर है। प्रॉपर्टी या व्यवसाय में निवेश कर सकते हैं, जिससे भविष्य में फायदा हो सकता है। आप ।
कर्क राशि के जातकों पर पड़ेगा शुभ प्रभाव
कर्क राशि के जातकों पर भी सूर्य ग्रहण का शुभ प्रभाव पड़ेगा। ग्रहण के प्रभाव से कर्क राशि के जातकों को कई तरह के शुभ समाचार मिल सकते हैं। समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी और यात्रा के योग भी बन रहे हैं।
वृष राशि वालों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
वृषभ राशि के जातकों पर सूर्य ग्रहण का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस राशि के जातकों की नौकरी, व्यवयास और रोजगार की स्थिति में सुधार होगा। धन प्राप्ति के आसार बनेंगे, जिससे आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी।
मेष राशि में लगेगा सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण मेष राशि में लगेगा। सूर्य ग्रहण के इस राशिचक्र का प्रभाव चार राशियों पर पड़ेगा। इन चार राशि- वृषभ,कर्क,तुला,धनु वाले जातकों के लिए सूर्य ग्रहण शुभ और फलदायी रहेगा।
लाइव देखें वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण
इस दिन लगेगा आंशिक सूर्यग्रहण और पूर्ण चंद्र ग्रहण
वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को लगने वाला है। वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण आंशिक ग्रहण होगा। खगोलशास्त्रियों के अनुसार, इस वर्ष पूर्ण चंद्र ग्रहण 16 मई को लगेगा। इसके साथ वर्ष का अगला आंशिक सूर्यग्रहण 25 अक्टूबर को और आंशिक चंद्रग्रहण 8 नवंबर को लगने वाला है।
फलाहार कर सकती हैं गर्भवती महिलाएं
ग्रहण की अवधि यदि लंबी है तो प्रेग्नेंट महिला फलाहार कर सकती हैं। लंबे समय तक भूखे रहना नुकसानदेह हो सकता है। इससे डिहाइड्रेशन का खतरा भी हो सकता है।
घर से बाहर ना निकलें गर्भवति महिलाएं
ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाएं घर से बाहर ना निकलें। क्योंकि ग्रहण की छाया से गर्भ में पल रहे बच्चे की त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है।
आरोग्य जीवन के लिए उपाय
आरोग्य जीवन के लिए सूर्य ग्रहण काल में महामृत्युंजय का पाठ करना उत्तम माना जाता है। महामृत्युंजय का पाठ करने से अकाल मृत्यु का भय भी हो जाता है और यह स्वास्थ्य लाभ के लिए लाभदायक माना जाता है।
सुख-संपत्ति, सौभाग्य और ऐश्वर्य के लिए करें यह उपाय
सुख-संपत्ति, सौभाग्य और ऐश्वर्य के लिए सूर्य ग्रहण के बाद श्रीयंत्र की स्थापना करनी चाहिए। इस उपाय को करने के बाद मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है।
मान-सम्मान के लिए करें यह उपाय
सूर्य ग्रहण काल के बाद तिल, गेहूं और चना दान करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से राहु-केतु के अशुभ प्रभाव दूर हो जाते हैं तथा समाज में मान-सम्मान बढ़ता है। यह उपाय करने से करियर में सफलता मिलती है।
धन वृद्धि के लिए करें यह उपाय
धन वृद्धि के लिए सूर्य ग्रहण काल में कनकधारा स्त्रोत या लक्ष्मी स्त्रोत का पाठ करना लाभदायक होता है। यह उपाय करने से धन में वृद्धि होती है तथा कर्ज से आधारित सभी समस्याएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं।
ग्रहण से पहले करें परिवार के स्वास्थ्य के लिए करें यह उपाय
कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान पके हुए खाने पर तुलसी का पत्ता और कुश अवश्य रखना चाहिए क्योंकि इससे खाना अशुद्ध नहीं होता है। यह उपाय करने से परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
नवजात बच्चों का रखें विशेष ध्यान
पुरानी मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियां प्रबल हो जाती हैं। इसलिए इस समय छोटे बच्चों को ना ही अकेले छोड़ना चाहिए और ना घर के बाहर भेजना चाहिए। खासकर नवजात बच्चों को बिल्कुल भी अकेले ना छोड़े।
गर्भवती महिलाएं रखें ख्याल
इस साल शनि अमावस्या के दिन पहले सूर्य ग्रहण का संयोग बन रहा है। भारत में सूर्य ग्रहण आंशिक है। लिहाजा, सूतक काल मान्य नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण का दुष्प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर हो सकता है। इसलिए, उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है।
कहां लगेगा सूर्य ग्रहण
इस साल सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका का दक्षिण-पश्चिमी भाग, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और अंटार्कटिका महासागर क्षेत्र में लगेगा।
पवित्र नदियों में स्नान का खास महत्व
इस साल शनि अमावस्या के दिन 30 अप्रैल को प्रात: काल से प्रीति योग है। अश्विनी नक्षत्र भी रात 8:13 बजे तक है। यह योग और नक्षत्र मांगलिक कार्य के लिए शुभ माने जाते हैं। लिहाज, जातक शनि अमावस्या के दिन सुबह से दान कर सकते हैं। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान देने से पूण्य की प्राप्ति होती है।
बन रहा दुर्लभ संयोग
इस सूर्य ग्रहण पर मेष राशि में सूर्य, चंद्रमा और राहु की युति से त्रिग्रही योग बन रहा है। जिसे बेहद दुर्लभ माना जा रहा है। अमावस्या के दिन शनिवार होने के कारण यह शनिचरी अमावस्या है।
सभी पर पड़ता है ग्रहण का प्रभाव
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण का प्रभाव दुनिया में सभी पर किसी न किसी प्रकार से जरूर पड़ता है। प्रभाव अच्छा और बुरा दोनों प्रकार से हो सकता है। ग्रहण के समय सूर्य से निकलने वाली हानिकारक किरणें मनुष्य के जीवन को प्रभावित करती हैं।
Surya Grahan 2022: 16 मई को पूर्ण सूर्य ग्रहण
30 अप्रैल के बाद 15 दिन के अंतराल पर दूसरा पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। 30 अप्रैल को लगने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक होगा, जबकि 16 मई को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा।
इस बात का रखें ख्याल
ग्रहण से पहले बने खाने और रखे पानी को जरूर हटा दें। वहीं, ग्रहण खत्म होने पर गाय को घास, पक्षियों को दाना और गरीबों को वस्त्र जरूर दान करें।
ग्रहण से पहले जरूर करें ये काम
ग्रहण के दौरान भोजन पकाना और खाना नहीं चाहिए। लेकिन दूध, दही,पनीर और घी जैसी कुछ ऐसी भी चीजें होती हैं जो सामन्यत: सभी घरों पर होती है और इन्हें फेंका भी नहीं जा सकता है। इस तरह की खाने-पीने की चीजों पर ग्रहण से पहले तुलसी का पत्ता डाल दें। ग्रहण खत्म होने के बाद आप इनका पुन: प्रयोग कर सकते हैं।
सूर्य ग्रहण में करें ये काम
सूर्य ग्रहण के समय कई चीजें करने की मनाही होती लेकिन कुछ चीजें करने की सलाह भी दी जाती है। जानें सूर्य ग्रहण के दौरान क्या काम करना चाहिए।
- विशेष रूप से ग्रहण के काल में अपने ईष्ट देवता का ध्यान और उनके मंत्र का जप सर्वश्रेष्ठ है।
- ग्रहण के बाद अन्न का दान करना पुण्य प्रदान कर सकता है।
- ग्रहण से पहले बने भोजन व रखे पानी को हटा कर नया भोजन बना कर ही खाना चाहिए।
- ग्रहण समाप्ति के बाद गाय को घास, पक्षियों को दाना तथा गरीबों को वस्त्र दान का शुभ फल मिलता है।
- सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना आवश्यक है।
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं करें इन नियमों का पालन
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को खास ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। ऐसे कई काम हैं जो सूर्य ग्रहण के दौरान उन्हें नहीं करने चाहिए।
- गर्भवती महिलाएं सूर्य ग्रहण को नंगी या खुले आंखों से ना देखें। ग्रहण में सूर्य की किरणें सामान्य से अधिक तीक्ष्ण होती है। इससे आंखों को नुकसान पहुंच सकता है और गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी इसका असर पड़ सकता है।
- ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाएं घर से बाहर ना निकलें। क्योंकि ग्रहण की छाया से गर्भ में पल रहे बच्चे की त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है।
- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं नुकीली या तेजधार वाली चीजें जैसे चाकू, छुरी, कैंची, पिन और सुई का इस्तेमाल न करें। इनके प्रयोग से बच्चे के शरीर में विकृति हो सकती है।
- वैसे तो कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान कुछ खाना-पीना भी नहीं चाहिए। लेकिन ग्रहण की अवधि यदि लंबी है तो प्रेग्नेंट महिला के लिए भूखे रहना नुकसानदेह हो सकता है और इससे निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) का खतरा भी हो सकता है। इसलिए ग्रहण के दौरान फलाहार का सेवन कर सकते हैं। लेकिन ज्यादा भारी भोजन इस दौरान न करें।
- ग्रहण के समाप्त होने के बाद गर्भवती महिला को स्नान जरूर करना चाहिए। इससे ग्रहण की दूषित तरंगों का असर नहीं पड़ता।
देवी-देवताओं को ना करें स्पर्श
हिंदू धर्म के अनुसार ग्रहण के समय में देवी-देवताओं को स्पर्श नहीं करना चाहिए। सूर्य ग्रहण के समय में कभी भी तुलसी के पेड़, शम्मी के पेड़ को स्पर्श करना नहीं चाहिए। ग्रहण के बाद उन सभी पौधों पर गंगाजल छिड़क कर उन्हें शुद्ध करना चाहिए।
घर पर रहें
ग्रहण के समय कभी भी घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए या सूर्य ग्रहण को कभी भी खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने से आपकी आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है।
ग्रहण में सूर्य ग्रहण में ना करें भोजन
हिंदू शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण के समय या उसके मध्य समय में भोजन नहीं करना चाहिए। ऐसे समय में भोजन पकाना वर्जित होता है।।
ऐसे देख सकते हैं सूर्य ग्रहण
काफी सारे लोगों को सूर्य ग्रहण की प्रक्रिया अपनी आंखों से देखना पसंद है। लेकिन, नंगी आंखों से देखने का सुझाव नहीं दिया जाता। दुनिया के जिन हिस्सों में ये ग्रहण दिखाई देगा वो लोग इसे प्रोटेक्टिव ग्लास या दूरबीन के जरिए देख सकते हैं। कुछ वेबसाइट भी इसका सीधा प्रसारण करती हैं।
क्या होता है सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा ठीक उसी समय पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है। जब ये मौका आता है तब चंद्रमा सूर्य को ढंक लेता है और सूर्य की किरणों को पृथ्वी पर पहुंचने से रोकता है। इस दुर्लभ घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। सूर्य ग्रहण चार तरह के होते हैं- टोटल, एनुलर, पार्शियल और हाइब्रिड। इस साल दो पार्शियल सूर्य ग्रहण और दो टोटल चंद्रग्रहण होने वाले हैं। हालांकि, हर ग्रहण कुछ ही जगहों पर लोगों को दिखाई देगा।
किन राशियों पर पड़ेगा असर?
वृषभ, कर्क, तुला और धनु समेत चार राशियों पर इस ग्रहण का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यहां जानें, किस राशि पर क्या होगा असर।
कब लगेगा इस साल का पहला सूर्य ग्रहण?
इस साल का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2022) शनिवार 30 अप्रैल को लगेगा। सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल रात्रि 12:15 मिनट से शुरू होगा जो कि 1 मई सुबह 04:07 पर समाप्त होगा। हालांकि ये आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा और सारी धार्मिक गतिविधियां की जा सकेंगी।
कैसे देख सकते हैं सूर्य ग्रहण
काफी सारे लोगों को सूर्य ग्रहण की प्रक्रिया अपनी आंखों से देखना पसंद है। लेकिन, नंगी आंखों से देखने का सुझाव नहीं दिया जाता। दुनिया के जिन हिस्सों में ये ग्रहण दिखाई देगा वो लोग इसे प्रोटेक्टिव ग्लास या दूरबीन के जरिए देख सकते हैं। कुछ वेबसाइट भी इसका सीधा प्रसारण करती हैं।
भारत में नहीं देगा दिखाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक ये आने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक ग्रहण होगा। ऐसे में ये भारत में दिखाई नहीं देगा। इसी वजह से भारत में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
भगवान को ना छूएं
ग्रहण का सूतक काल लगते ही मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। लेकिन घर पर भी स्थित पूजा के मंदिर में पर्दा डाल दें या दरवाजा लगा दें। इस दौरान भगवान की प्रतिमा को न छुएं। ग्रहण खत्म होने के बाद गंगाजल से शुद्धिकरण करने के बाद ही भगवान की पूजा करें।
जानें सूर्य ग्रहण का समय
30 अप्रैल को लगने वाले सूर्य ग्रहण सूर्य का अधिकतम 54 प्रतिशत हिस्सा दिखाई नहीं देगा। भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण की शुरुआत 12:15 pm पर होगी और ये 4:07 pm पर खत्म हो जाएगा। ये करीब 3 घंटे और 52 मिनट तक चलेगा।
गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान
सूतक काल लगते ही गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। गर्भ में पल रहे बच्चे की रक्षा के लिए पेट पर गेरू लगाकर रखना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान चाकू-छुरी, सुई धागे या किसी भी तरह की नुकीली और तेजधार वाली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे बच्चे में विकृति भी आ सकती है।
ग्रहण से पहले खाने में डालें तुलसी का पत्ता
ग्रहण के दौरान भोजन पकाना और खाना नहीं चाहिए। लेकिन दूध, दही,पनीर और घी जैसी कुछ ऐसी भी चीजें होती हैं जो सामन्यत: सभी घरों पर होती है और इन्हें फेंका भी नहीं जा सकता है। इस तरह की खाने-पीने की चीजों पर ग्रहण से पहले तुलसी का पत्ता डाल दें। ग्रहण खत्म होने के बाद आप इनका पुन: प्रयोग कर सकते हैं।
क्या होता है सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण चार टाइप के होते हैं। ये टाइप- टोटल, एनुलर, पार्शियल और हाइब्रिड हैं। सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा ठीक उसी समय पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है। जब ये मौका आता है तब चंद्रमा सूर्य को ढंक लेता है और सूर्य की किरणों को पृथ्वी पर पहुंचने से रोकता है। इस दुर्लभ घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
गृहण में भगवान को ना छूएं
ग्रहण का सूतक काल लगते ही मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। लेकिन घर पर भी स्थित पूजा के मंदिर में पर्दा डाल दें या दरवाजा लगा दें। इस दौरान भगवान की प्रतिमा को न छुएं। ग्रहण खत्म होने के बाद गंगाजल से शुद्धिकरण करने के बाद ही भगवान की पूजा करें।
बच्चों को ना छोड़ें अकेला
पुरानी मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियां प्रबल हो जाती हैं। इसलिए इस समय छोटे बच्चों को ना ही अकेले छोड़ना चाहिए और ना घर के बाहर भेजना चाहिए। खासकर नवजात बच्चों को बिल्कुल भी अकेले ना छोड़े।
Surya Grahan 2022: ग्रहण के समय भगवान को करें स्मरण
ग्रहण के समय भगवान का चिंतन, मनन, जप-तप आदि धार्मिक कार्य करना चाहिए। ग्रहण के समय कोई भी पुण्य कार्य करने से उसका लाख गुना फल प्राप्त होता है।
Surya Grahan 2022: ग्रहण से पहले खाने को जरूर हटा दें...
ग्रहण से पहले बने खाने और रखे पानी को जरूर हटा दें। वहीं, ग्रहण खत्म होने पर गाय को घास, पक्षियों को दाना और गरीबों को वस्त्र जरूर दान करें।
Surya Grahan 2022: 16 मई को पूर्ण सूर्य ग्रहण
30 अप्रैल के बाद 15 दिन के अंतराल पर दूसरा पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। 30 अप्रैल को लगने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक होगा, जबकि 16 मई को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा।
Surya Grahan 2022: इन राशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार राशि ऐसी हैं, जिनको ग्रहण काल में सकारात्मक फल प्राप्त होगा। वो राशि हैं वृषभ, कर्क, तुला, धनु।
Surya Grahan 2022: सूर्य ग्रहण का प्रभाव जरूर पड़ता है...
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण का प्रभाव दुनिया के सभी पर किसी न किसी प्रकार से जरूर पड़ता है। प्रभाव अच्छा और बुरा दोनों प्रकार से हो सकता है। ग्रहण के समय सूर्य से निकलने वाली हानिकारक किरणें मनुष्य के जीवन को प्रभावित करती हैं।
Surya Grahan 2022: सूर्य ग्रहण पर दुर्लभ संयोग
इस सूर्य ग्रहण पर मेष राशि में सूर्य, चंद्रमा और राहु की युति से त्रिग्रही योग बन रहा है। जिसे बेहद दुर्लभ माना जा रहा है। अमावस्या के दिन शनिवार होने के कारण यह शनिचरी अमावस्या है।
Surya Grahan 2022: 100 वर्षों में नहीं बना ऐसा संयोग
शनि के राशि परिवर्तन के बाद 30 अप्रैल को चैत्र का महीना समाप्त होगा। इसी दिन आंशिक सूर्य ग्रहण लग रहा है। ऐसे में पिता-पुत्र का ऐसा दुर्लभ संयोग पिछले 100 वर्षों में नहीं बना है।
solar eclipse 2022: सूर्य ग्रहण के बाद स्नान जरूर करें
सूर्य ग्रहण के समापन के बाद घरी की साफ-सफाई करके स्नान जरूर करें और फिर साफ वस्त्र पहनें।
solar eclipse 2022: सूर्य ग्रहण पर कई संयोग
सूर्य ग्रहण के दिन वट सावित्री और शनि जयंती के साथ-साथ अमावस्या भी है। लिहाजा, श्रीहरि विष्णु के साथ-साथ शनिदेव और वट का पूजन जरूर करें।
solar eclipse 2022: नदियों में स्नान और दान का खासा महत्व
इस साल शनि अमावस्या के दिन 30 अप्रैल को प्रात: काल से प्रीति योग है। अश्विनी नक्षत्र भी रात 8:13 बजे तक है। यह योग और नक्षत्र मांगलिक कार्य के लिए शुभ माने जाते हैं। लिहाज, जातक शनि अमावस्या के दिन सुबह से दान कर सकते हैं। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान देने से पूण्य की प्राप्ति होती है।
solar eclipse 2022: इन जगहों पर लगेगा सूर्य ग्रहण
इस साल सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका का दक्षिण-पश्चिमी भाग, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और अंटार्कटिका महासागर क्षेत्र में लगेगा।
Solar Eclipse 2022: गर्भवती महिलाएं बरतें सावधानी
इस साल शनि अमावस्या के दिन पहले सूर्य ग्रहण का संयोग बन रहा है। भारत में सूर्य ग्रहण आंशिक है। लिहाजा, सूतक काल मान्य नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण का दुष्प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर हो सकता है। इसलिए, उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है।
solar eclipse 2022: कैसे लगता है सूर्य ग्रहण
पृथ्वी अपनी धुरी पर सूर्य के चक्कर लगाती है, वहीं चंद्रमा पृथ्वी के इर्द गिर्द घूमता है। जब चंद्रमा घूमते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है और सूर्य की रोशनी को हम तक आने से रोकता है, तब उस खगोलीय स्थिति को सूर्य ग्रहण कहते हैं।
Surya Grahan 2022 Time: सूर्य ग्रहण कब लगेगा
सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को लगने जा रहा है। भारतीय समय के अनुसार, साल का पहला सूर्यग्रहण 30 अप्रैल को रात 12:15 मिनट से शुरू होकर सुबह 4:07 मिनट तक रहेगा।
Surya Grahan Date 2022: सूर्य ग्रहण 2022 डेट
सूर्य ग्रहण जल्द लगने जा रहा है। साल का पहला solar eclipse 30 अप्रैल को लगेगा। बता दें कि सूर्य ग्रहण को दूरबीन या चश्मे से ही देखना चाहिए।

