अध्यात्म

Bhogi Pongal 2025 Date: साल 2025 में कब मनाया जाएगा भोगी पोंगल, यहां नोट करें डेट और महत्व

Bhogi Pongal 2025 Date: भोगी पोंगल का पर्व दक्षिण भारत में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। भोगी पोंगल का दिन पोंगल का पहला दिन माना जाता है। आइए जानते हैं साल 2025 में भोगी पोंगल का त्योहार कब मनाया जाएगा।

Image

Bhogi Pongal 2025 Date

Bhogi Pongal 2025 Date: पोंगल का त्योहार दक्षिण भारत के मुख्य त्योहारों में से एक माना जाता है। ये पर्व भी फसल की कटाई और आर्थिक संपन्नता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। पोंगल का पहला दिन भोगी पोंगल के नाम से जाना जाता है। भोगी पोंगल के दिन वर्षा के देवता इंद्रदेव की पूजा की जाती है और उनसे अच्छी बारिश और अच्छी फसल की कामना की जाती है। ये त्योहार खासतौर पर किसान वर्ग के द्वारा मनाया जाता है। इस दिन लोग अलावा जलाते हैं और घर के पुराने सामान को उसमें प्रवाहित कर देते हैं। ये त्योहार हर साल सूर्य उदय के बाद चार दिनों तक मनाया जाता है। जिसमें पहला भोगी पोंगल होता है। आइए जानें साल 2025 में भोगी पोंगल किस दिन मनाया जाएगा।

Bhogi Pongal 2025 Date (भोगी पोंगल 2025 डेट)

भोगी पोगंल का पर्व साल 2025 में 13 जनवरी 2025 को मनाया जाएगा। ये त्योहार विशेषरूप में तेलंगाना, तमिलनाडु, और कर्नाटक राज्यों उत्साह के साथ मनाया जाता है।

Bhogi Pongal Kaise Manate Hain (भोगी पोंगला कैसे मनाते हैं)

भोगी पोंगल के दिन लोग सूर्य के आगमन की स्वागत के लिए अपने घरों की अच्छे से साफ- सफाई करते हैं। इसके साथ ही घर के आंगन में चावल के आटे से रंगोली बनाते हैं। इस दिन इंद्र देव की पूजा खास रूप से किसानों द्वारा की जाती है। इसके साथ ही किसान इस दिन अपने सारे कृषि उपकरणों की सफाई करते हैं और अपने मवेशियों को स्नान कराके सजाते हैं। इस दिन शाम के समय सभी लोग अपने घरों से पुराने सामान और कपड़े लाकर उनको इकट्ठा करके जलाते हैं। इस आगे चारों तरफ घूम के लोग लोकगीत गाते हैं।

Bhogi Pongal Spiritual significance (भोगी पोंगल का धार्मिक महत्व)

भोगी पोंगल का दिन बारिश के देवता भगवान इंद्र की पूजा को समर्पित होता है। इस दिन किसान लोग भगवान इंद्र का आशीर्वाद पाने के लिए और अच्छी फसली की कामना के लिए पूरे विधि- विधान से इंद्र देव की पूजा करते हैं। इस दिन को इंद्रान के नाम से भी जाना जाता है।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

और पढ़ें
End of Article