अध्यात्म

8 दिसंबर को सूर्य देव को प्रसन्न करने का सुनहरा अवसर, इन उपायों से हर दुख होगा दूर

Bhanu Saptami 2024: 8 दिसंबर को भानु सप्तमी है। ये पर्व रविवार के दिन ही पड़ता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा अत्यंत फलदायी साबित होती है। चलिए आपको बताते हैं भानु सप्तमी पर क्या करते हैं।

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Bhanu Saptami December 2024

Bhanu Saptami 2024: भानु सप्तमी का दिन सूर्य देव को समर्पित है। इस दिन व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। यह पर्व शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रविवार के दिन मनाया जाता है। मान्यताओं अनुसार इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन के सारी परेशानियां दूर हो जाती है। कहते हैं इस व्रत को रखने से अच्छे स्वास्थ्य की भी प्राप्ति होती है। भानु सप्‍तमी को सूर्य देव के जन्‍म दिवस के रूप में मनाया जाता है। चलिए आपको बताते हैं भानु सप्तमी के दिन क्या करते हैं।

भानु सप्‍तमी के उपाय (Bhanu Saptami Ke Upay)

-इस दिन तांबे के लोटे में जल भरकर, उसमें एक चुटकी लाल सिंदूर डालकर सूर्य देव को अर्घ्‍य दें।

-इस दिन श्वेतार्क के वृक्ष पर जल चढ़ाएं।

-इस दिन सूर्य नमस्‍कार करने का विशेष महत्व माना जाता है।

-इस दिन सूर्य देवता की कृपा पाने के लिए लाल और केसरी रंग के वस्‍त्र पहनें।

-इस दिन मांस-मदिरा का भूलकर भी सेवन न करें।

-इस दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को दवाएं दान करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है।

भानु सप्‍तमी की पूजन विधि (Bhanu Saptami Puja Vidhi)

भानु सप्‍तमी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्‍नान कर लें। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्‍य दें। अर्घ्‍य के दौरान सूर्य मंत्र का जाप जरूर करें। कई भक्‍त इस दिन व्रत भी रखते हैं। मान्यताओं अनुसार ये व्रत रखने से जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं।

भानु सप्‍तमी का महत्‍व (Bhani Saptami Ka Mahatva)

कहते हैं भानु सप्तमी के दिन सूर्य देव की पूजा करने से बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। साथ ही स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। अगर आप सूर्य देव की कृपा पाना चाहते हैं तो इस दिन व्रत रखकर सूर्य देव की विधि विधान पूजा करें।

भानु सप्‍तमी पर क्या दान करें (Bhanu Saptami Daan)

भानु सप्तमी के दिन तांबे के बर्तन, गेहूं, गुड़, पीले या लाल रंग के कपड़ों और लाल चंदन का दान करना शुभ माना जाता है। कहते हैं इस दिन इन चीजों का दान करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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