Basava Jayanti 2025: बसवा जयंती का त्योहार लिंगायत बहुमत द्वारा प्रभु बसवन्ना के जन्मदिन पर मनाया जाता है। प्रभु बसवन्ना लिंगायतवाद के संस्थापक थे। बसवेश्वर का जन्मदिन वैशाख महीने के शु्क्ल पक्ष में तीसरे दिन पड़ता है। इस दिन कर्नाटक में सरकारी छुट्टी होती है क्योंकि यहां बसवन्ना के अनुयायियों की एक बड़ी संख्या है। इसलिए यहां ये त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। जानिए बसवा जयंती कैसे मनाई जाती है।
बसव जयंती कैसे मनाई जाती है (Basava Jayanti Mahatva)
- इस दिन कर्नाटक में सभी शहरों और गांवों के लोग भव्य तरीके से जश्न मनाते हैं।
- इस शुभ अवसर पर लोग भगवान बसवेश्वर के मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं।
- इस दिन लिंगायत समितियां विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती हैं।
- इस दिन लोग मिठाइयों और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।
- इसके साथ ही इस शुभ अवसर पर बसवन्ना की शिक्षाओं को याद किया जाता है।

Basaveshwara Jayanti
कौन हैं प्रभु बसवन्ना? (Who Is Basaveshwara)
प्रभु बसवन्ना लिंगायत मत के गुरु हैं। जो एक महान कवि, समाज सुधारक और दार्शनिक थे। लिंगायत मत सनातन हिन्दू धर्म का एक हिस्सा है। इस मत के ज्यादातर अनुयायी दक्षिण भारत में ही रहते हैं। बसवेश्वर एक ऐसे संत थे जिन्होंने 800 साल पहले नारी प्रताड़ना को खत्म करने की लड़ाई लड़ी थी। वो शिव के उपासक थे। ये एक ऐसे संत हैं जिनके नाम से कन्नड़ साहित्य का एक पूरा युग जाना जाता है।
