Chanakya Niti For Marriage: चाहते हैं खुशहाल जीवन, तो चाणक्‍य के इन उपायों को ध्‍यान में रखकर चुनें जीवनसाथी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 19, 2022, 06:18 AM IST

Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि मानव जीवन में विवाह बेहम अहम पड़ाव होता है। इसलिए जीवनसाथी का चुनाव करते समय कई बातों का ध्‍यान रखना जरूरी है। अगर कुछ बातों का ध्‍यान र रखा जाए तो अवगुणों से भरा जीवन साथी मिल सकता है, जो जीवन को नर्क बना देता है।

Chanakya Niti For Marriage: चाहते हैं खुशहाल जीवन, तो चाणक्‍य के इन उपायों को ध्‍यान में रखकर चुनें जीवनसाथी
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Chanakya Niti in Hindi: चाणक्य नीति मनुष्‍य जीवन का एक ऐसा संग्रह है, जिसमें दुख को खत्‍म कर खुशी हासिल करने के कई उपाय बताए गए हैं। इसमें आचार्य चाणक्‍य ने जीवन के कई रहस्‍यों को सुलझाने का उपाय बताने के साथ कई ऐसेी जानकारियां भी दी हैं, जिसके बारे में जानना जरूरी होता है। इस नीति शास्‍त्र का मुख्य लक्ष्‍य लोगों को जीवन के प्रत्येक पहलू की व्यावहारिक शिक्षा देना है। आचार्य कहते हैं कि मानव जीवन का एक अहम पड़ाव विवाह करना हाता है। लोगों के लिए अच्‍छा जीवनसाथी का चुनाव करना बेहद कठिन होता है। महिला हो या फिर पुरूष, अगर उसका जीवनसाथी अवगुणों से भरा है तो उसका पूरा जीवन नर्क बन जाता है। जीवनसाथी के चुनाव के समय अअगर कुछ बातों का ध्‍यान रखा जाए तो भविष्‍य सुखमय बन जाता है।

कभी भी दबाव में न करें शादी

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्‍यक्ति को कभी भी न तो खुद किसी के दबाव में शादी करनी चाहिए और न ही कभी ऐसे जीवनसााभी का चुनाव करना चाहिए जो किसी के दबाव में आकर शादी कर रहा हो। ऐसा जीवनसाभी भविष्य में न तो प्‍यार दे सकता है और न ही खुशी। दबाव में शादी कररने वाला हर समय इस बंधन से आजाद होने की कोशिश में लगा रहता है।

जीवनसाथी में देखें संस्‍कार व शिक्षा

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्‍यक्ति को जीवनसाथी पसंद करते समय सिर्फ उसकी खूबसूरती व सुंदरता देखकर ही शादी न करें। जो भी केवल सुंदरता देखकर जीवनसाथी का चुनाव करता है, उसका जीवन आगे चलकर नर्क बन सकता है। क्‍योंकि सुंदरता के पीछे बुराईयां भी छुपे हो सकते हैं। इसलिए महिला व पुरुष को शादी के समय अपने जीवनसाथी का चुनाव उसके संस्कार और शिक्षा देखकर करनी चाहिए।

जीवनसाथी में देखें उसके गुण

आचार्य चाणक्‍य के अनुसार जीवनसाथी चुनते समय उसके अंदर मौजूद गुणों का आकलन करना चाहिए। यह जरूर देखना चाहिए कि उसमें धैर्य कितना है। क्योंकि जीवन के उतार-चढ़ाव का सामना वहीं कर सकता है जिसके अंदर धैर्य हो। साथ ही यह भी देखें कि उसके बोलचाल का तरीका कैसा है। मीठा बोलने वाला घर-परिवार को सुखी रखता है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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