Shri Sadguru Sainath Maharaj Aarti: शिर्डी वाले साईं बाबा सबसे दयालु है। ऐसी मान्यता है कि शिर्डी के साईं बाबा की जो भी मन से पूजा करते हैं बाबा उन सबकी झोली खुशियों से भर देते हैं। माना जाता है कि बाबा के धाम जो भी जाता है साईं बाबा उसे कभी भी खाली हाथ नहीं जाने देते हैं। साईं बाबा की पूजा के वक्त आरती का भी विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि साईं बाबा की पूजा करते वक्त आरती जरूर पढ़नी चाहिए। इससे साईं बाबा प्रसन्न होते हैं।
शिरडी साईं बाबा की आरती
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।
भक्तजनों के कारण, उनके कष्ट निवारण॥
शिरडी में अवतरे, ॐ जय साईं हरे॥ ॐ जय...॥
दुखियन के सब कष्टन काजे, शिरडी में प्रभु आप विराजे।
फूलों की गल माला राजे, कफनी, शैला सुन्दर साजे॥
कारज सब के करें, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय...॥
काकड़ आरत भक्तन गावें, गुरु शयन को चावड़ी जावें।
सब रोगों को उदी भगावे, गुरु फकीरा हमको भावे॥
भक्तन भक्ति करें, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय...॥
हिन्दु मुस्लिम सिक्ख इसाईं, बौद्ध जैन सब भाई भाई।
रक्षा करते बाबा साईं, शरण गहे जब द्वारिकामाई॥
अविरल धूनि जरे, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय...॥
भक्तों में प्रिय शामा भावे, हेमडजी से चरित लिखावे।
गुरुवार की संध्या आवे, शिव, साईं के दोहे गावे॥
अंखियन प्रेम झरे, ॐ जय साईं हरे ॥ ॐ जय...॥
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।
शिरडी साईं हरे, बाबा ॐ जय साईं हरे॥
साईं बाबा को लगाएं इन चीजों का भोग
शिरडी वाले साईं बाबा जी को सबसे प्रिय खिचड़ी है। बाबा को खिचड़ी का भोग लगाने व प्रसाद के रूप में सभी को बांटने से बाबा प्रसन्न होते हैं व बाबा हर मनोकामना पूरी करते हैं। इसके अलावा बाबा को हलवे का भोग लगाया जाता है व पालक की गड्डियां चढ़ाई जाती है। ऐसी मान्यता है हलवा का भोग लगाने से बाबा की विशेष कृपा बनी रहती है, वहीं पालक की गड्डियां बाबा को चढ़ाने के बाद जरूरतमंत को बांट दें।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

