Ram Navami 2022 Date, Puja Muhurat: राम नवमी 2022 में कब है, जानें तिथि और पूजा मुहूर्त

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 8, 2022, 11:18 PM IST

Ram Navami 2022 Date, Time, Puja Muhurat (राम नवमी कब है 2022): हिंदू पंचांग के अनुसार राम नवमी का पावन पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान राम का जन्‍म हुआ था।

Ram Navami 2022 Date, Puja Muhurat: राम नवमी 2022 में कब है, जानें तिथि और पूजा मुहूर्त

Ram Navami 2022 Date, Time, Puja Muhurat in India: सनातन धर्म में राम नवमी का विशेष महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन अयोध्या के जनक राजा दशरथ के यहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म हुआ था। श्रीहरि भगवान विष्णु ने हर युग में अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना करने के लिए अवतार लिया। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार त्रेतायुग में रावण के अत्याचारों को समाप्त करने तथा धर्म की स्थापना करने के लिए भगवान विष्णु ने राम और मां लक्ष्मी ने सीता जी का अवतार लिया था। कहा जाता है कि भगवान राम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पुनर्वस लग्न में हुआ था। इस लेख के माध्यम से आइए जानते हैं साल 2022 में राम नवमी कब है (Ram Navmi 2022 Date) और क्या है इसका महत्व।

Ram Navmi 2022 Date, राम नवमी 2022 कब है

हिंदू पंचांग के अनुसार राम नवमी का पावन पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है, इस बार राम नवमी 10 अप्रैल 2022, रविवार को है। नवमी तिथि 10 अप्रैल, रविवार को सुबह 1 बजकर 32 मिनट से शुरु होकर 11 अप्रैल 2022, सोमवार को रात 3 बजकर 15 मिनट पर समाप्त होगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 10 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 10 मिनट से दोपहर 1 बजकर 32 मिनट तक है।

Ram Navmi 2022 Date And Shubh Muhurat, राम नवमी 2022 डेट और शुभ मुहूर्त

राम नवमी 2022 10 अप्रैल 2022, रविवार
नवमी तिथि की शुरुआत 10 अप्रैल 2022, भोर 01:32 से
नवमी तिथि की समाप्ति 11 अप्रैल 2022, तड़के 03:15 तक
शुभ मुहूर्त 10 अप्रैल 2022, 11:10 AM से 1:32 PM तक


Ram Navmi Importance and Significance, राम नवमी का महत्व

राम नवमी का पावन पर्व रामायण काल से मनाया जा रहा है। इस दिन पूरे देश में प्रभु राम का जन्म दिवस मनाया जाता है। मान्यता है कि राम नवमी के दिन भगवान राम और मां भगवती की विधिवत पूजा अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और कष्टों का नाश होता है। बता दें राम नवमी के साथ इस दिन नवरात्रि का भी समापन होता है। ऐसे में लोग कन्या पूजन कर मां भगवती की अराधना करते हैं। इस दिन भगवान राम के जन्म स्थान अयोध्या में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।
 
 

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