Indira Ekadashi 2022: इंदिरा एकादशी पर ये 5 उपाय करने से दूर होगी पैसों की तंगी, पितृ भी होंगे शांत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 20, 2022, 01:31 PM IST

Indira Ekadashi 2022: आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को इंदिरा एकादशी मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-उपासना करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इंदिरा एकादशी पर अगर पांच खास उपाय कर लिए जाएं तो जीवन के सारे संकट, सारी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

Indira Ekadashi 2022: इंदिरा एकादशी पर ये 5 उपाय करने से दूर होगी पैसों की तंगी, पितृ भी होंगे शांत

Indira Ekadashi 2022: इस साल श्राद्धपक्ष 25 सितंबर तक रहने वाला है। सर्वपितृ अमावस्या के साथ ही इसका समापन हो जाएगा। इस बीच 21 सितंबर को इंदिरा एकादशी आएगी। ज्योतिविदों का कहना है कि इंदिरा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा-उपासना करने से ना सिर्फ पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि घर में खुशहाली भी आती है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेने और विष्णु पूजन से सारी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। इंदिरा एकादशी पर पांच खास उपाय भी बहुत फलदायी माने जाते हैं।

शालिग्राम की पूजा

जिन लोगों की कुंडली में पितृदोष की समस्या है, उन्हें इंदिरा एकादशी पर भगवान शालिग्राम की पूजा करनी चाहिए। शालिग्राम को पीले फल, पीले फूल और हल्दी मिला हुआ जल अर्पित करने से पितृदोष की समस्या दूर होती है।

तुलसी के पास घी का दीपक

इंदिरा एकादशी के दिन आंगन में लगी तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं। ये काम करते समय ''ऊँ वासुदेवाय नमः'' मंत्र का जाप करें। इसके बाद तुलसी माता की 11 बार परिक्रमा करते हुए भगवान विष्णु को याद करें।

पीली चीजों का चमत्कार

यदि आप रुपये-पैसे के मामले में तंग चल रहे हैं तो इस दिन भगवान विष्णु को पीले फल, पीली मिठाई और पीले फूल अर्पित करें। इसके बाद यही चीजें गरीबों में बांटें। आर्थिक मोर्चे पर आपके हालात जल्दी ही सुधर जाएंगे।

पीपल के पास दीपक

इंदिरा एकादशी पर पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और पितरों की आत्मा की शांति की कामना करें। आपके जीवन में चल रही तमाम समस्याएं नष्ट हो जाएंगी।

विष्णु सहस्त्रनाम पाठ

इंदिरा एकादशी पर अपने घर में विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। भजन, कीर्तन करने से भी श्री हरि की कृपा आप पर हो सकती है। इस दिन गरीब ब्राह्मण और जरूरतमंदों को भोजन करना भी बहुत शुभ माना जाता है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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