Navratri 2026 Day 5 Today (aaj kaun si devi ka din hai navratri mein): शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व साल 2026 में 11 अक्टूबर से लेकर 19 अक्टूबर तक चलेगा। इन 9 दिन व्रत रखने के साथ-साथ भक्तजन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों देवी शैलपुत्री, देवी ब्रह्मचारिणी, देवी चंद्रघंटा, देवी कूष्मांडा, देवी स्कंदमाता, देवी कात्यायिनी, देवी कालरात्रि, देवी महागौरी और देवी सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शारदीय नवरात्रि में पूजा-पाठ करने से मां दुर्गा का विशेष आशीर्वाद मिलता है और जीवन में खुशियों का स्थायी वास होता है। साथ ही साहस, पराक्रम, शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। हालांकि, नवरात्रि का हर दिन किसी न किसी देवी को समर्पित है।
द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, आज 15 अक्टूबर 2026, गुरुवार को शारदीय नवरात्रि का पांचवां दिन है। यहां पर आप शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन के महत्व, देवी की पूजा के शुभ मुहूर्त और विधि आदि के बारे में विस्तार से जानेंगे।
आज कौन सी देवी की पूजा का दिन है
शारदीय नवरात्रि का पांचवां दिन मां दुर्गा के 5वें स्वरूप देवी स्कंदमाता को समर्पित है। ऐसे में आज मां स्कंदमाता की पूजा की जाएगी, जिन्हें पद्मासना देवी, सर्वान्दशुलविभवा और शुभप्रदा देवी के नामों से भी जाना जाता है। कार्तिकेय देव भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं, जिनका एक नाम स्कंद भी है। स्कंद देव की माता होने के कारण मां पार्वती के इस स्वरूप को देवी स्कंदमाता के रूप में जाना जाता है।
देवी स्कंदमाता का स्वरूप कैसा है
पौराणिक शास्त्रों में मां स्कंदमाता को एक क्रूर सिंह पर चतुर्भुज रूप में दर्शाया गया है। मां की दोनों ऊपरी भुजाओं में कमल का फूल है। नीचे के एक हाथ से देवी ने बाल मुरुगन को अपनी गोद में ले रखा है, जबकि एक हाथ अभय मुद्रा में है। देवी स्कंदमाता कमल के आसन पर विराजमान हैं, जिसकी वजह से उन्हें पद्मासना देवी कहा जाता है।
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आज की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:42 बजे से लेकर सुबह 5:32 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:07 बजे से लेकर सुबह 6:22 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:52 बजे से लेकर शाम 7:07 बजे तक
- अमृत काल: रात 8:59 बजे से लेकर रात 10:46 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:42 बजे से लेकर 16 अक्टूबर की रात 12:32 बजे तक
मां स्कंदमाता की पूजा विधि क्या है
- आज सुबह जल्दी उठने के पश्चात स्नान आदि कार्य करने के बाद पीले या सफेद रंग के शुद्ध कपड़े पहनें।
- घर के मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करें, जिससे वो शुद्ध हो जाए।
- अब मां दुर्गा की मूर्ति के पास देवी स्कंदमाता की प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित करें।
- मां दुर्गा और उनके 9 स्वरूपों का स्मरण करने के पश्चात पूजा तथा व्रत का संकल्प लें।
- मां को रोली, अक्षत, फूल, वस्त्र, श्रृंगार का सामान, फल और भोग अर्पित करें। इस दौरान मंत्रों का जाप करते रहें।
- घी का दीपक जलाने के पश्चात नवरात्रि के पांचवें दिन की व्रत कथा पढ़ें।
- आरती करके पूजा का समापन करें।
मां skandmata की priya चीजें kya हैं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी स्कंदमाता को पीला रंग अति प्रिय है। इसके अलावा माता को लाल रंग के फूल और फल में केला अच्छा लगता है। भोग की बात करें तो देवी स्कंदमाता को पीले रंग की मिठाइयों विशेष रूप से अर्पित की जाती हैं। इसके अलावा 'ॐ देवी स्कन्दमात्रे नमः॥' मंत्र देवी को अति प्रिय है।
