सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्य मंत्री डॉ. एल मुरुगन ने अपने मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया है। मुरुगन ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत माता और तमिलनाडु की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। दिहाड़ी मजदूरों के बेटे के तौर पर शुरुआत करके केंद्रीय मंत्रिपरिषद तक पहुंचना सौभाग्य रहा है।
मुरुगन ने कहा कि अब वह जमीनी स्तर पर लौटना चाहते हैं, कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होना चाहते हैं और 2029 लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में BJP को मजबूत करने के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित करना चाहते हैं। उन्होंने लिखा - राष्ट्र सर्वोपरि, पार्टी उसके बाद, स्वयं सबसे अंत में।
एल मुरुगन लंबे समय से केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में काम कर रहे थे। वह मध्य प्रदेश कोटे से राज्यसभा सांसद थे, उनका कार्यकाल 2030 तक था। इससे पहले वह मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री और भाजपा तमिलनाडु अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया
डॉ. एल मुरुगन सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। इन्होंने 7 जुलाई, 2021 से 9 जून, 2024 तक भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने 2017 से 2020 तक राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
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हिंदू दर्शन से प्रभावित होकर 1997 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल हुए
डॉ. एल मुरुगन ने चेन्नई के तमिलनाडु डॉ. अम्बेडकर लॉ कॉलेज से लॉ की डिग्री प्राप्त की, इसके साथ ही इन्होंने स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की डिग्री मद्रास विश्वविद्यालय से प्राप्त की। ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और इसके पश्चात हिंदू दर्शन से प्रभावित होकर 1997 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल हुए। इन्होंने लगभग 15 वर्षों तक वकालत की है और मद्रास उच्च न्यायालय में भारत सरकार के स्थायी काउंसेल के रूप में भी कार्य किया है। इन्होंने अधिवक्ता के तौर पर भाजपासे जुड़े कई कानूनी मामलों में पैरवी की है। आरएसएस के सदस्य रहते हुए, इन्होंने अनुसूचित जाति प्रभाग के राष्ट्रीय महासचिव का पदभार ग्रहण किया। दिनांक 12 मार्च, 2020 को इन्हें भाजपा तमिलनाडु इकाई का प्रमुख बनाया गया।
