Ashwin Month 2022: क्या है आश्विन माह की महिमा और महत्व? इस महीने जरूर बरतें ये 10 सावधानियां

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 13, 2022, 06:04 AM IST

Ashvin Month 2022: 11 सितंबर से आश्विन माह शुरू होने वाला है। शास्त्रों के अनुसार, इस महीने में कुछ खास बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। ज्योतिषविद कहते हैं कि आश्विन मास में दान करते समय कभी अभिमान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा कुछ खास चीजें खाने से भी हमें परहेज करना चाहिए।

Ashwin Month 2022: क्या है आश्विन माह की महिमा और महत्व? इस महीने जरूर बरतें ये 10 सावधानियां

Ashvin Month 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, 11 सिंतबर से आश्विन माह की शुरुआत हो चुकी है जो 10 अक्टूबर तक रहेगा। धार्मिक दृष्टिकोण से आश्विन मास बहुत खास माना जाता है। इसमें पूजा-पाठ और दान-धर्म के कार्य करने से पितरों का आशीर्वाद पाया जा सकता है. नवरात्र और विजयदशमी जैसे प्रमुख त्योहार भी इसी महीने मनाए जाते हैं। यह महीना आदि शक्ति मां दुर्गा को समर्पित है और इसमें दान-धर्म के कार्य करना बहुत शुभ होता है। ज्योतिषविदों का कहना है कि आश्विन मास में कुछ खास सावधानियां बरतना बहुत जरूरी होता है। इस महीने आपको 10 बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।

1. आश्विन मास में जितना संभव हो सके दूध या दूध से बनी चीजों को खाने से बचना चाहिए।

2. इस महीने करेला खाने से भी सख्त परहेज करना चाहिए।

3. आश्विन माह में शरीर को अच्छे से ढककर रखने की सलाह दी जाती है। 

4. आश्विन मास में लहसुन, प्याज, तामसिक भोजन और सफेद तिल का सेवन नहीं करना चाहिए।

5. इस महीने मांस, मछली या बासी आहार लेने से भी बचना चाहिए।

6. आश्विन में लौकी, मूली या सरसों का साग खाने से बचें।

7. आश्वन मास में काला नमक, सत्तू, जीरा और मसूर की दाल खाना भी वर्जित माना गया है।

8. आश्विन माह में आपसी विवाद, झगड़ा, तनाव या मनमुटाव से बचना चाहिए।

9. आश्विन माह को त्योहारों का महीना कहा जाता है, इसलिए इस महीने घर में साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

10. इस महीने ब्राह्मण या कन्याओं को दान देते समय अभिमान नहीं करना चाहिए।

आश्विन मास में करें ये काम
आश्विन मास में अपनी क्षमता के अनुसार, घी और तिल का दान करना चाहिए। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक कन्याओं को फल, मिठाई, भोजन, वस्त्र की भेंट देनी चाहिए ।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

End of Article